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फूड आइटम्स की कैलोरी बताएं रेस्टोरेंट

July 10, 2018 05:33 AM

COURSTEY NBT JULY 10

फूड आइटम्स की कैलोरी बताएं रेस्टोरेंट


ईकॉमर्स और रिटेल कंपनियां अपने मेन लैंडिंग पेज और फिजिकल स्टोर्स में पेमेंट काउंटर पर फोर्टिफाइड फूड सरीखे हेल्दी ऑप्शंस को प्रमोट करें
FSSAI ने 'ईट राइट मूवमेंट' के तहत कहा, कस्टमर्स को मेन्यू में वॉलंटरी तौर पर कैलोरी की दी जाए जानकारी
[ शांभवी आनंद | नई दिल्ली ]

दे श के फूड रेगुलेटर ने रेस्टोरेंट्स से कहा है कि वे ग्राहकों को परोसे जाने वाले आइटम्स से मिलने वाली कैलोरी की जानकारी अपने मेन्यू में वॉलंटरी तौर पर दिया करें। रेगुलेटर ने कहा है कि इससे सेहत के लिए सुरक्षित खानपान को बढ़ावा मिलेगा। वहीं रेस्टोरेंट्स का कहना है कि यह उनके लिए बड़ी चुनौती होगी क्योंकि तमाम रेसिपीज का कोई कॉमन स्टैंडर्ड नहीं होता है, ऐसे में उनसे मिलने वाली कैलोरीज तय करना मुश्किल होगा।

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने ईकॉमर्स और रिटेल कंपनियों से कहा है कि वे अपने मेन लैंडिंग पेज और फिजिकल स्टोर्स में पेमेंट काउंटर पर फोर्टिफाइड फूड सरीखे हेल्दी ऑप्शंस को प्रमोट करें। FSSAI के चीफ एग्जिक्यूटिव पवन अग्रवाल ने कहा, 'यह फूड कंपनियों को कुछ ऐसा करने के लिए प्रेरित करने का एक तरीका है, जो देश के लोगों की सेहत के लिए ठीक हो।' उन्होंने कहा कि यह कदम 'ईट राइट मूवमेंट' का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि अपने फूड प्रॉडक्ट्स में नमक, चीनी और ट्रांस-फैट की मात्रा चरणबद्ध ढंग से घटाने के बारे में फूड कंपनियों के कमिटमेंट्स में इसे शामिल किया जाएगा। रेस्टोरेंट्स को खानपान की सुरक्षित और सेहत के लिए लाभकारी गतिविधियों को बढ़ावा देना होगा और मेन्यू लेबलिंग ठीक तरीके से करनी होगी ताकि कंज्यूमर पर्याप्त जानकारी के आधार पर अपनी पसंद का फूड प्रॉडक्ट चुन सकें। रेस्टोरेंट्स को अपने मेन्यू में वसा, चीनी और नमक की कम मात्रा वाले वैरिएंट्स वॉलंटरी तौर पर शामिल करने होंगे। वहीं देश में रेस्टोरेंट्स और फूड चेंस के प्रतिनिधियों ने कहा कि मेन्यू पर व्यंजनों से मिलने वाली कैलोरी की जानकारी देना बहुत बड़ी चुनौती होगी। नेशनल रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के जनरल सेक्रेटरी प्रकुल कुमार ने कहा, 'किसी भी रेस्टोरेंट के मेन्यू में शामिल व्यंजनों की रेसिपी स्टैंडर्ड नहीं होती है, लिहाजा उन व्यंजनों से मिलने वाली कैलोरी की जानकारी देना बहुत बड़ी चुनौती होगी।' उन्होंने कहा कि एक ही व्यंजन को बनाने में इस्तेमाल होने वाले पदार्थों की मात्रा हर दिन अलग-अलग हो सकती है। FSSAI ने पैकेज्ड फूड कंपनियों से कहा है कि वे चीनी, सेहत के लिए हानिकर वसा और नमक की मात्रा खाद्य पदार्थों में चरणबद्ध ढंग से घटाने का वादा करें। अग्रवाल ने कहा, 'नेस्ले, आईटीसी, पतंजलि सहित बड़ी फूड कंपनियां, बड़े क्विक सर्विस रेस्टोरेंट्स (हलवाई एसोसिएशंस सहित), प्रमुख ऑर्गनाइज्ड रिटेलर्स और बिगबास्केट, एमेजॉन, ग्रोफर्स सहित ईकॉमर्स कंपनियां एक कमिटमेंट करेंगी और हेल्दी ईटिंग को बढ़ावा देने के संकल्प पर हस्ताक्षर करेंगी।' FSSAI ने वेजिटेबल ऑयल, वेजिटेबल फैट और हाइड्रोजनेटेड वेजिटेबल ऑयल में ट्रांस फैट की अधिकतम मात्रा को वेट के आधार पर 2 पर्सेंट तक सीमित करने का प्रस्ताव भी किया है। यह कदम साल 2022 तक देश को ट्रांस फैट मुक्त बनाने के लक्ष्य के मुताबिक उठाया गया है।

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