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कोर्ट की कार्रवाई होगी LIVE, सुप्रीम कोर्ट ने दी इजाजत, सभी पक्षों से मांगा सुझाव

July 10, 2018 05:26 AM

COURSTEY NBT JULY 10

कोर्ट की कार्रवाई होगी LIVE, सुप्रीम कोर्ट ने दी इजाजत, सभी पक्षों से मांगा सुझाव
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चीफ जस्टिस की बेंच ने कहा, 23 जुलाई तक प्रस्तावित गाइडलाइंस कोर्ट में पेश करे सरकार•विशेष संवाददाता, नई दिल्ली

 

पारदर्शिता और जवाबदेही की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस बात के लिए सहमति दे दी है कि रेप और पारिवारिक विवाद को छोड़कर बाकी मामलों में कोर्ट की कार्यवाही का लाइव टेलिकास्ट होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कार्यवाही लाइव करने पर अपनी सहमति जताते हुए कहा कि ये समय की मांग है और पक्षकार इस बात को जान पाएंगे कि उनके वकील कोर्ट में किस तरह से पक्ष रख रहे हैं।

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि देश भर में अदालतों की कार्रवाई की विडियो रिकॉर्डिंग और लाइव स्ट्रीमिंग की जा सकती है। इस पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने कहा कि सभी पक्ष अटॉर्नी जनरल को इसके लिए दिशा-निर्देश बनाने को सुझाव दें। सुप्रीम कोर्ट ने 23 जुलाई तक इस मामले में विस्तार से प्रस्तावित गाइडलाइंस को कोर्ट में पेश करने के लिए कहा। सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ वकील इंदिरा जय सिंह की ओर से अर्जी दाखिल कर कहा गया है कि जो केस राष्ट्रीय महत्व और संवैधानिक महत्व के हैं, उनकी पहचान कर उन

मामलों की रिकॉर्डिंग की जाए और सीधा प्रसारण किया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस की बेंच कर रही है। बेंच ने अब सरकार को जवाब दाखिल करने का वक्त दिया है। वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका डालकर रजिस्ट्रार जनरल, केंद्र सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय और कानून मंत्रालय आदि को प्रतिवादी बनाया गया। अर्जी में कहा गया है कि हर आदमी को सूचना पाने का अधिकार है।

याचिकाकर्ता ने अपनी अपील में कहा, 'जो मामले राष्ट्रीय महत्व के हैं और संवैधानिक पहलू वाले हैं उन मामलों में प्रत्येक नागरिक को ये जानने का अधिकार है कि कोर्ट में आखिर क्या हुआ है। ऐसे में लोगों को बाकी खबरें न मिलें, इस कारण इस तरह के मामले का सीधा प्रसारण होना चाहिए और रिकॉर्डिंग होनी चाहिए।'

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