Tuesday, September 25, 2018
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Haryana

पहली बार लाभ के साथ सीएसीपी फार्मूला के तहत फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को बढ़ाया गया :धनखड़

July 07, 2018 04:54 PM
हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री ओम प्रकाश धनखड़ ने खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने पर कहा कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुरूप किसानों को मिलने वाले फसलों के दाम से उनकी दशा और दिशा सुधरेगी और पहली बार लाभ के साथ सीएसीपी फार्मूला के तहत फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष लाभ के साथ फसलों के मूल्य निर्धारित होंगे तथा अब देश के किसानों के खातों में 33,500 करोड़ रुपये तथा हरियाणा के किसानों के खातों में 1500 करोड़ रुपये जाने का अनुमान है, जिसमें से 1200 करोड़ रुपये केवल धान व गेहूं की फसलों से हरियाणा के किसानों के खातों में जाएंगे।
उन्होंने यह जानकारी देते हुए कहा कि  किसान कोई भी फसल उगाए उसको लाभ अब बराबर मिलेगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा में स्वामीनाथन की अधिकतर रिपोर्ट लागू कर दी है। किसानों के लिए किसान आयोग का गठन किया गया है तथा फसल बीमा योजना लागू की गई है इसके अतिरिक्त प्रदेश सरकार सूक्ष्म सिचंाई योजना व सोलर उर्जा योजना के तहत किसानों को सोलर पम्पिंग सेट दिये जाएगें, इससे बिजली की बचत होगी तथा खर्चा कम आयेगा।
श्री धनखड़ ने केन्द्र सरकार के इस फैसले को अपने व्यक्तिगत जीवन की भी एक उपलब्धि माना है। उन्होंने कहा कि 1966 के बाद सीएसीपी ने कभी भी लागत पर लाभ शब्द को न्यूनतम समर्थन मूल्य में नहीं जोड़ा था। उन्होंने कहा कि वन रैंक-वन पेंशन की भांति ही केन्द्र सरकार ने हर फसल के दाम बढ़ाएं हैं और हर वर्ष खरीफ व रबी की फसलों में लाभ के साथ वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि इस फैसले से  स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट की आर्थिक सिफारिशें आज से ही लागू हो गई हैं। उन्होंने कहा कि स्वामीनाथन आयोग ने फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य 50 प्रतिशत लाभ के साथ घोषित करने का सुझाव दिया था। इसी प्रकार, प्राकृतिक आपदाओं में फसलों के नुकसान पर 10,000 रुपये प्रति एकड़ की बात कही है तो हरियाणा सरकार पहले ही 12,000 रुपये प्रति एकड़ दे रही है। इसी प्रकार, उन्होंने फसलों के बीमे की बात कही है तो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू की गई है। उन्होंने कहा कि धान, ज्वार, बाजरा, मक्का, रागी, अरहर (तूर), मूंग, उड़द, कपास, मूंगफली, सूरजमुखी, सोयाबीन, तिल, रामतिल जैसी खरीफ की 14 फसलों के भाव लागत मूल्य पर 50 प्रतिशत लाभ के साथ बढ़ाएं है और इनमें हर वर्ष इसी फार्मूेले पर वृद्धि होगी।   श्री धनखड़ ने कहा चार साल में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गेहूं व धान पर 11,000 रुपये प्रति एकड़ का भाव किसानों को दिया है और पांचवे वर्ष में 10,000 रुपये का लाभ दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा को पूरा किया है। श्री धनखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वे पांचवे वर्ष चुनाव में हर चीज का हिसाब देंगे और आज उन्होंने अपने इस वायदे को पूरा किया है। 
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