Monday, September 24, 2018
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Haryana

कृषि उपकरण खरीदने पर सरकार कृषि समूहों को दे रही है 40 से 80 प्रतिशत तक का अनुदान एडीसी प्रदीप दहिया

July 05, 2018 04:46 PM

 गेहूं व धान के फाने और अन्य फसलों के अवशेष अब किसानों को जलाने नहीं पड़ेंगे, इस समस्या से निजात दिलाने के लिए कृषि वैज्ञानिकों द्वारा हैप्पी सीडर, मल्चर, जीरोट्रील सीड-कम-फर्टिलाईजर ड्रिल, रिवर्सिबल प्लो, स्ट्रा चोपर, स्ट्रा बेलर, स्ट्रा रिपर, रिपर बाइन्डर तथा रोटावेटर जैसे अनेक यत्रों का आविष्कार किया गया है। आधुनिक कृषि यंत्रों को खरीदने के लिए सरकार द्वारा 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। किसान इन आधुनिक यंत्रों का प्रयोग करके फसल अवशेष प्रबंधन करें इससे पर्यावरण दूषित होने से बचेगा व भूमि की उर्वरा शक्ति भी बढेगी।
    श्री दहिया वीरवार को कृषि अधिकारियों व किसानों के साथ हुई एक बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कस्टम हायरिंग सैंटर के लिए कृषि मशीनरी बैंक की स्थापना की है, इसके तहत आधुनिक कृषि यंत्र सरकार द्वारा किसानों को सस्ती दर पर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं तथासब्सिडी भी दी जाती है। जिला रेवाडी में 5 कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। एक कस्टम हायरिंग स्टेशन के लिए 200 हैक्टेयर जमीन होनी चाहिए। रेवाडी जिला में पाल्हावास में 2, खुशपुरा में एक, खटावली में एक, लाला गांव में एक कस्टम सैंटर हायरिंग स्टेशन खोले जाएगें जो खेतों में फसलों के अवशेष को समाप्त करने के लिए सरकारी रेट पर कार्य करेगें। 
    अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि हरियाणा सरकार किसानों को खाद, बीज, दवाई तथा कृषि उपकरण सब्सिडी पर दिये जा रहे हैं। किसानों को चाहिए कि वे इसका अधिक से अधिक फायदा उठाएं। इससे प्रधानमंत्री का किसानों की आय दोगुनी करने का संकल्प भी पूरा होगा। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे जैविक खेती को बढ़ावा दें, क्योंकि इससे किसान कम लागत में अधिक मुनाफा अर्जित कर सकते हैं।
     श्री दहिया ने कहा कि किसानों को जागरूक करने के लिए प्रचार व प्रसार का कार्य किया जाए तथा इसके लिए जब भी जागरूकता का कैम्प लगाये तो उसमें अधिक से अधिक किसान भाग ले यह सुनिश्चित किया जाए ताकि किसानों को ज्यादा से ज्यादा अवसर मिल सकें।
    इसके उपरांत इण्डो इटालियन कृषि विकास प्रोजैक्ट जो कि रेवाडी जिला के पांच ब्लाक में चलाया जा रहा है, जिसके तहत बाजरा, फल व सब्जियां आदि की गुणवक्ता व पौष्टिकता के लिए कार्य किया जाता है इसके लिए किसानों को प्रशिक्षण दिया जाता है, इसकी भी एडीसी ने समीक्षा की।
    इस अवसर पर उपनिदेशक कृषि डा. चांदराम, जिला बागवानी अधिकारी पिंकी यादव, सहायक कृषि अभियंता राजीव चावला, उपमण्डल अधिकारी कृषि दीपक कुमार, दिनेश शर्मा, डा. विजय व अन्य अधिकारी सहित किसान भी उपस्थित थे।

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