Monday, September 24, 2018
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Haryana

धार्मिक पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित हो रहा है अम्बाला शहर- असीम गोयल

July 03, 2018 04:59 PM
विधायक असीम गोयल ने बताया कि अम्बाला शहर के चहुंमुखी विकास के साथ-साथ इसे धार्मिक पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित करने के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होने बताया कि भगवान वामन के जीवन से सम्बन्धित धार्मिक और एतिहासिक महत्व के नौरंगराय तालाब का जीर्णोद्धार और सौन्दर्यकरण का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है और इस पर लगभग 12 करोड रूपये की राशि खर्च की जा रही है। गत तीन वर्षों में विकास के मामले में अम्बाला शहर विधानसभा क्षेत्र प्रदेश के अग्रणी क्षेत्रों में शामिल हुआ है। 
उन्होने बताया कि इस तालाब का भव्य और सुंदर प्रवेश द्वार, तालाब की चारदीवारी, चारदीवारी के साथ-साथ श्रद्धालुओं द्वारा परिक्रमा करने के लिए कैरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा तालाब के बीचों-बीच पैडिस्टन ब्रिज का निर्माण किया जायेगा और ब्रिज के साथ-साथ रंगीन फव्वारे लगाए जायेंगे। उन्होंने बताया कि पूरे नौरंगराय तालाब को खाली करके पूरी तरह साफ किया जा रहा है और सौन्दर्यकरण का कार्य पूरा होने के बाद इसे पुन: शुद्ध जल से भरा जायेगा। इस एतिहासिक और धार्मिक स्थल का प्रवेश द्वार भी विशेष प्रकार से डिजाईन किया गया है जिसकी सुंदरता बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करेगी। 
 श्री गोयल ने बताया कि म्यूनिसिपल पार्क का भी सौन्दर्यकरण किया जा रहा है और इस पर लगभग 8 करोड रूपये की राशि खर्च की जा रही है। उन्होने बताया कि आकर्षक प्रवेश द्वार के साथ-साथ सुंदर पार्क में लोगों और बच्चों के लिए मनोरंजन व आकर्षण के साधन स्थापित होंगे। उन्होंने कहा कि पूरी झील को विकसित करके नौकायान की सुविधा उपलब्ध करवाई जायेगी तथा इसे पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केन्द्र बनाया जायेगा। उन्होने कहा कि इसके जीर्णोद्धार और सौन्दर्यकरण का कार्य भी आरम्भ किया जा चुका है। इस पार्क को बाल भवन परिसर से जोडा जायेगा ताकि पूरे क्षेत्र को रमणीक और आकर्षक बनाया जा सके। 
सिक्ख गुरूओं से सम्बन्धित धार्मिक स्थलों का भी किया जा रहा है विस्तार।
उन्होंने बताया कि अम्बाला शहर में गुरू गोबिंद सिंह, गुरू हरगोबिंद साहिब, गुरू तेग बहादुर सहित अन्य सिक्ख गुरूओं के महत्वपूर्ण स्थान स्थित है। सरकार द्वारा इन स्थानों के विस्तार के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होने बताया कि गांव लखनौर साहिब में गुरू गोबिंद सिंह के ननिहाल और माता गुजरी की जन्म स्थली है। उन्होंने बताया कि लखनौर साहिब में 37 करोड रूपये की लागत से वीएलडीए कालेज की स्थापना की प्रक्रिया जारी है और मुख्यमंत्री ने लखनौर साहिब में ही सिक्ख म्यूजियम स्थापित करने की भी घोषणा की है। अम्बाला शहर में गुरू गोबिंद सिंह लाईब्रेरी के जीर्णाेद्धार पर भी 75 लाख रूपये से अधिक की राशि खर्च की गई है। इसके अलावा अम्बाला-बडौला मार्ग को माता गुजरी के नाम से नामकरण किया गया है तथा लखनौर साहिब को जाने वाली तीनों प्रमुख सडकों का पुर्ननिर्माण किया जा रहा है। 
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