Monday, July 16, 2018
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Entertainment

संजू मूवी रिव्यू

June 30, 2018 03:31 PM
हमारी रेटिंग 4 / 5
पाठकों की रेटिंग4.5 / 5
 

कलाकाररणबीर कपूर,सोनम कपूर,दीया मिर्जा,परेश रावल,मनीषा कोईराला,अनुष्का शर्मा

निर्देशकराजकुमार हिरानी
मूवी टाइपबायॉग्रफी,ड्रामा
अवधि2 घंटा 35 मिनट

संजू फ़िल्म के एक सीन में संजय दत्त की गर्लफ्रेंड रूबी का पिता कहता है कि नोट दो तरह के होते हैं, पहला खरा जिसे आप जितना भी खींच लो उसका कुछ नहीं बिगड़ता और दूसरा खोटा, जो कि जरा सा भी खींचने पर फट जाता है। संजय दत्त की असल जिंदगी की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। दुनिया ने उनको खोटा बताया, लेकिन वह खुद को खरा मानते हैं। बेशक खुद को दुनिया की नज़रों में सही साबित करने के लिए ही उन्होंने अपनी लाइफ को बतौर फिल्म, दुनिया के सामने रखा है। हालांकि अब उनके पिता सुनील दत्त यह फिल्म देखने के लिए इस दुनिया में नहीं हैं।फिल्म की शुरुआत में संजय दत्त (रणबीर कपूर) एक फिल्मी राइटर से अपनी बॉयॉग्रफी लिखवाता है, लेकिन बात नहीं बन पाती है। इसी दौरान संजय दत्त को सुप्रीम कोर्ट से जेल की सजा हो जाती है। उस रात तनाव में संजय आत्महत्या की कोशिश करता है, क्योंकि वह नहीं चाहता कि कोई उसके बच्चों को आतंकवादी का बच्चा कहे। तब उसकी वाइफ मान्यता दत्त (दीया मिर्ज़ा) उसकी मुलाकात एक बड़ी राइटर विनी (अनुष्का शर्मा) से कराती है। दरअसल संजय और मान्यता चाहते हैं कि उसकी लाइफ का सच सामने आए और दुनिया उसे आतंकवादी ना समझे। विनी को संजय अपनी कहानी सुनाता, इससे पहले संजय का पुराना दोस्त जुबिन (जिम सरभ) उससे संजय की बुराई करता है।तब संजय उसे जुबिन समेत अपने अजीज दोस्त कमलेश (विकी कौशल) की कहानी सुनाता है। वह उसे बताता है कि किस तरह उनके एक दोस्त जुबिन ने उसे ड्रग्स की दुनिया से रूबरू कराया और किस तरह दूसरे दोस्त कमलेश ने उसे उस अंधेरी दुनिया से बाहर निकाला। किस तरह उनके पिता सुनील दत्त (परेश रावल) ने हर परेशानी सह कर भी उसका साथ नहीं छोड़ा, लेकिन अफसोस कि वह आखिरी दम तक भी उन्हें शुक्रिया नहीं कह पाया। किस तरह उनकी मां नरगिस (मनीषा कोइराला) ने मरने के बाद भी उसका साथ नहीं छोड़ा और मुश्किल समय में प्रेरणा बन कर साथ रहीं। हालांकि, संजय दत्त की जिंदगी की कहानी विस्तार से जानने के लिए आपको सिनेमा का रुख करना होगा। फिल्म देखकर आप समझ जाएंगे कि जिस तरह रील लाइफ संजू ने विनी को अपनी असल जिंदगी की कहानी दुनिया को बताने की जिम्मेदारी दी, उसी तरह रियल लाइफ संजय दत्त ने मुश्किल समय में 'मुन्नाभाई एमबीबीएस' जैसी फिल्म बना कर उनकी नैया पार लगाने वाले राजकुमार हिरानी को अपनी जिंदगी पर फिल्म बनाकर उनका सच दुनिया को बताने की जिम्मेदारी दी। राजू हिरानी और उनके सह लेखक अभिजात जोशी ने संजय दत्त की जिंदगी की कहानी को खूबसूरत कहानी लिखी और हिरानी ने उस पर बेहतरीन फिल्म बनाई है। वाकई हिरानी इस दौर के एक बेहतरीन स्टोरी टेलर हैं, जो किसी भी कहानी को दिलचस्प अंदाज़ में पेश कर सकते हैं। फिल्म का फर्स्ट हाफ आपको बांध कर रखता है, लेकिन सेकंड हाफ में संजय मीडिया के मत्थे अपना सारा दोष मढ़कर खुद को निर्दोष साबित करते नज़र आते हैं। संजू का रोल कर रहे रणबीर कपूर ने तो जैसे इस रोल को जी लिया। फिल्म देखते वक्त कई बार आप खुद गच्चा खा जाएंगे कि स्क्रीन पर संजय दत्त हैं या रणबीर। बेशक बतौर ऐक्टर संजू रणबीर के करियर की बेहतरीन फिल्मों में से एक होगी। वहीं परेश रावल ने भी बतौर सुनील दत्त जबरदस्त ऐक्टिंग की है। फ़िल्म में वह बाप-बेटे की इमोशनल रिलेशनशिप को खूबसूरत अंदाज़ में जीते हैं। नरगिस के रोल में मनीषा कोइराला भी बेहतरीन लगी हैं। संजय के अमेरिकी दोस्त कमलेश के रोल में नज़र आए विकी कौशल ने साबित कर दिया कि वह बॉलिवुड में लंबी पारी खेलने वाले हैं। संजू के ड्रगिस्ट दोस्त जुबिन के रोल में जिम सरभ कमाल लगे हैं। संजय की वाइफ मान्यता के रोल में दीया मिर्जा और राइटर विनी के रोल में अनुष्का शर्मा भी अच्छी लगी हैं। हालांकि उनके पास ज्यादा कुछ करने को नहीं था। फ़िल्म का संगीत भी खूबसूरती से पिरोया गया है। खासकर हर मैदान फतह गाना आपको इमोशनल कर देता है। अगर आप संजू बाबा या रणबीर कपूर के फैन हैं, तो इस वीकेंड यह फ़िल्म मिस मत कीजिए। 

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