Thursday, April 25, 2019
Follow us on
Haryana

धार्मिक एकता और समाजवाद के सबसे बड़े समर्थक थे संत कबीर-अनिल कुमार

June 29, 2018 04:41 PM
हरियाणा अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के प्रधान सचिव अनिल कुमार ने कहा कि समाज सुधार, धार्मिक व समाजिक एकता के लिए संत कबीर की शिक्षाएं आज भी उतनी ही सार्थक हैं, जितनी  उनके समयकाल में थी। उन्होंने कहा कि संत कबीर ने धर्म के नाम पर पाखंड तथा अंधविश्वास का विरोध करके मानवता को एक ईश्वर की पूजा करने का संदेश दिया और जीवन भर अध्यात्मिकता के क्षेत्र में मानवता का मार्गदर्शन करते रहे।
अनिल कुमार आज पंचायत भवन अम्बाला शहर में हरियाणा अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग तथा जिला प्रशासन द्वारा आयोजित संत कबीर जयंती के जिला स्तरीय समारोह के प्रतिभागियों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में व्यक्तिगत सोच को प्राथमिकता देने तथा भौतिकवाद की दौड़ में व्यक्ति, समाज और राष्ट्रहित को भूलता जा रहा है और ऐसे समयकाल में संत कबीर की शिक्षाएं एक मार्गदर्शक के रूप में सही मार्ग दिखा सकती हैं। 
उन्होंने कहा कि उनके विभाग के माध्यम से समाज के अनुसूचित जाति और पिछडा वर्ग से सम्बन्धित लोगों के कल्याण के लिए कईं कल्याणकारी योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति और समाज का जीवन स्तर केवल शिक्षा के माध्यम से बेहतर तरीके से सुधारा जा सकता है। इसके लिए उनके विभाग के माध्यम से अनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग के 10 जमा 1 व 10 जमा 2 के विद्यार्थियों को आईआईटी, इंजिनियरिंग और मैडिकल के क्षेत्र में दाखिले के लिए निशुल्क कोचिंग सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। दो वर्षों में एक बच्चे की कोचिंग पर लगभग एक लाख रुपए खर्च किए जाते हैं। उन्होंने सरकार की योजनाओं के बेहतर परिणाम के लिए प्रशासन के साथ आम व्यक्ति के सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी तंत्र में डिजिटल तकनीक के प्रयोग से जहां कार्य प्रणाली में पारदर्शिता आई है, वहीं भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगा है। उन्होंने संत कबीर के जीवन दर्शन पर शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित की गई विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया।
उपायुक्त श्रीमती शरणदीप कौर बराड़ ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन तभी सार्थक हो सकते हैं, जब प्रतिभागी महान विभूतियों के जीवन से प्रेरणा लेकर उन्हें अपनी दिनचर्या में शामिल करें। उन्होंने कहा कि संत कबीर, गुरू रविदास, महर्षि बाल्मिकी सहित अन्य ऋषि-मुनियों व गुरूओं ने मानवता का उस समय मार्गदर्शन किया, जब समाज में छुआछूत, जात-पात, अंधविश्वास चरम सीमा पर था।
सूचना, जन सम्पर्क एवं भाषा विभाग द्वारा लगाई गई भव्य प्रदर्शनी
इस मौके पर सूचना, जन सम्पर्क एवं भाषा विभाग द्वारा भव्य प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। जिसमें महामहिम राज्यपाल और मुख्यमंत्री के कबीर जयंती के साथ-साथ संत कबीर के जीवन दर्शन को प्रभावी तरीके से प्रदर्शित किया गया था। इसके अलावा कार्यक्रम में सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग द्वारा संत कबीर के जीवन पर तैयार की गई लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। खादी ग्रामोद्योग द्वारा भी सूती वस्त्रों व अन्य सामान की प्रदर्शनी लगाई गई। कार्यक्रम में एसडी विद्या मंदिर अम्बाला छावनी की संगीत प्राध्यापिका श्रीमती मंजू अरोड़ा और डाईट मोहड़ा की छात्राओं ने संत कबीर के दोहों की संगीतमयी प्रस्तुति दी। इस कार्यक्रम में अध्यापक गुलजार सिंह और देवेन्द्र कुमार ने भी संत कबीर के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला। 
इस जिला स्तरीय कार्यक्रम में उपायुक्त श्रीमती शरणदीप कौर बराड़, एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह, एसडीएम सतेन्द्र सिवाच, नगराधीश सुशील कुमार, सेवानिवृत प्रशासनिक अधिकारी एम.एल. सारवान, डीआईपीआरओ अमित पवार, जिला कल्याण अधिकारी कमल कुमार, भाजपा नेता मोहन लाल बग्गन, सुरेश सहोता, संजय लाकड़ा, रमेश पाल नहौनी, राजेश बतौरा, सरला कपूर सहित अन्य गणमान्य लोग व प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे।
 
Have something to say? Post your comment