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सिविल अस्पताल अम्बाला छावनी की कैथ लैब में शरीर के अन्य अंगो में सफलतापूर्वक डाले जा रहे हैं स्टैंट

June 27, 2018 05:20 PM
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के प्रयासों से सिविल अस्पताल अम्बाला छावनी में स्थापित की गई कैथ लैब जहां हृदय रोगियों के लिए वरदान साबित हो रही है,वहीं इस लैब के माध्यम से शरीर के अन्य अंगो में भी सफलतापूर्वक स्टैंट डाले जा रहे हैं। शहर में यह सुविधा न होने के कारण इस कार्य के लिए मरीजों को पीजीआई चंडीगढ़ अथवा दिल्ली जाना पड़ता था। 
गांव बोह के रहने वाले राजेश शर्मा ब्लड प्रैशर व शूगर रोग से पीडि़त हैं और उन्होंने कुछ वर्ष पूर्व ही पीजीआई चंडीगढ़ से हर्ट में स्टैंट डलवाया था। वह सिविल अस्पताल में अपनी निष्क्रिय टांग का उपचार करवाने और सांस फूलने की समस्या के इलाज के लिए आए थे। इसके अलावा उनके दांए पैर में ऐस जख्म था जो न तो ठीक हो रहा था और न ही उससे बहने वाली मवाद बंद हो रही थी। सिटी स्कैन करने पर पता चला कि राजेश की दाईं टांग की नाडिय़ों में रूकावट है और उन्हें स्टैंट डालने की सलाह दी गई। कैथ लैब के प्रभारी डा0 राघव शर्मा ने मरीज की टांग में सफलतापूर्वक तीन स्थानों पर स्टैंट डाले। इस इलाज के उपरांत नाडियों में खून का प्रवाह सामान्य हो गया है और चिकित्सकों के मुताबिक निष्क्रिय नाडियों के कारण ठीक न होने वाले जख्म भी जल्द ही ठीक हो जाएंगे। रोगी के इस इलाज पर मात्र एक लाख रुपए खर्च हुआ है और निजी क्षेत्र के अस्पतालों द्वारा इस तरह के इलाज के लिए 4 से 5 लाख रुपए की राशि वसूल की जाती है।
रोगी राजेश शर्मा ने बताया कि उसकी टांग में शिथिलता की समस्या नही है और कोई भी चीज छूने पर उसे महसूस किया जा सकता है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने चिकित्सकों की इस सफलता पर उन्हें मुबारकबाद देते हुए कहा कि अब ऐसे रोगियों को दिल्ली या चंडीगढ़ जाने की आवश्यकता नही रहेगी। इससे न केवल रोगियों को बाहर आने-जाने की परेशानी व किराए की बचत होगी बल्कि निजी क्षेत्र की तुलना में उन्हें स्थानीय अस्पताल में ही 3 से 4 गुणा कम खर्च में बेहतर इलाज मिल सकेगा। 
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