Thursday, February 21, 2019
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Chandigarh

जुगनू उत्साह के साथ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया

June 21, 2018 03:07 PM

दुनियाभर में 21 जून को चौथा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की तैयारी जोर-शोर से चल रही हैं। भारत की सबसे बड़ी ऑटो-रिक्शा एग्रीगेटर और ऑन डिमांड हाइपरलोकल ट्रांसपोर्ट एवं लोजिस्टिक्स कम्पनी, जुगनू इस दिन को अपने कर्मचारियों के आंतरिक एवं बाहरी कल्याण को समर्पित कर रही है। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम – सीडीसीएल (CDCL) के सहयोग से जुगनू के हैडक्वार्टर पर एक योग समारोह आयोजित किया गया। फिट और स्वस्थ्य रहने के लिए योग का अभ्यास करने पर ध्यान केन्द्रित करते हुए, सुबह 7 से 8 बजे तक योग सत्र आयोजित हुआ। सीडीसीएल के सीईओ श्री रतनआमोल सिंह इस समारोह के मुख्य अतिथि रहे। चंडीगढ़ स्थित ब्रह्मऋषि आश्रम की योग प्रशिक्षिका संदीप कौर ने इस अवसर पर योग सिखाया तथा श्रोताओं को योग के महत्व, प्रकार, और लाभों की जानकारी भी दी |करीबन 100-150 उत्साही लोग इस समारोह में सम्मिलित थे। इस आयोजन का उद्देश्य लोगों को योग के प्रति जागरूक कर, उन्हें अपनी जीवनशैली में योग को अपनाने के लिए प्रेरित करना है। प्रशिक्षिका योग के लाभों का सिंहावलोकन और महत्वपूर्ण आसन, तकनीकों एवं मुद्राओं का प्रदर्शन किया।अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह पर टिप्पणी करते हुए, जुगनू के संस्थापक एवं सीईओ, समर सिंगला ने कहा, ‘‘हम, योग को एक सार्वभौमिक आयोजन बनाने के हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों का समर्थन करते हैं। कई लोगों के लिए योग जीवन का हिस्सा बन गया है। तनाव से सम्बन्धित विभिन्न स्वास्थ्य मुद्दों जैसे मधुमेह, उच्च रक्तचाप के मामलों में होने वाली निरंतर वृद्धि को ध्यान में रखते हुए, योग के माध्यम से शरीर, मन और आत्मा को सुव्यवस्थित रखना महत्वपूर्ण हो गया है। योग के असंख्य लाभ हैं और यह एक सर्वश्रेष्ठ रोग निवारक औषधि है। तनावपूर्ण आधुनिक जीवनशैली में, योग खुद को तनाव से मुक्त कर, आराम दिलाने और अपने दिमाग पर नियंत्रण पाने का एक मात्र तरीका है।’’इस अवसर पर सी.डी.सी.एल. संस्थान के सी.ई.ओ. श्री रतनमोल सिंह ने प्रतिभागियों के साथ कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम के लाभ साझा किए। श्री रतनमोल सिंह ने संदेश को फैलाया कि "उत्कृष्ट संचार कौशल विकसित करना प्रभावी नेतृत्व के लिए बिल्कुल जरूरी है। नेता दूसरों को तत्कालता और उत्साह की भावना संचारित करने के लिए ज्ञान और विचार साझा करने में सक्षम होना चाहिए। यदि कोई नेता स्पष्ट रूप से एक संदेश नहीं प्राप्त कर सकता है और दूसरों को इस पर कार्य करने के लिए प्रेरित करता है, तो संदेश होने से कोई फर्क नहीं पड़ता। "


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