Wednesday, December 12, 2018
Follow us on
Haryana

हरियाणा के श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री नायब सैनी ने बादली में अंत्योदय मेला के दौरान की घोषणा

June 17, 2018 09:17 PM
हरियाणा के श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री नायब सिंह सैनी ने आज झज्जर जिला के गांव बादली में आयोजित अंत्योदय मेला में हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण श्रमिक बोर्ड की विभिन्न योजनाओं के तहत 10,292 लाभार्थियों को छह करोड़, 70 लाख, 28 हजार सात सौ रुपए जारी करने की घोषणा की। यह राशि बोर्ड की योजनावार लाभार्थियों के खाते में आगामी शुक्रवार तक जमा हो जाएगी। 
हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री, श्री ओम प्रकाश धनखड़ भी बादली गांव में पहली बार आयोजित अंत्योदय मेला में श्रमिकों के कल्याण पर इतनी बड़ी राशि की घोषणा से बेहद प्रभावित नजर आए और मंच से खुशी जाहिर करते हुए अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के नेतृत्व में चल रही सरकारों के सिवाय गरीबों का इतने बड़े स्तर पर कोई भला नहीं कर सकता। गरीबी में पला-बढ़ा व्यक्ति ही गरीब के दर्द को समझ सकता है। 
साढ़े तीन साल में श्रमिक कल्याण पर 400 करोड़ खर्च
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री तथा बादली के विधायक ओम प्रकाश धनखड़ की उपस्थिति में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री नायब सिंह सैनी ने अंत्योदय मेला के दौरान हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कल्याण बोर्ड के तहत पंजीकृत 355 श्रमिक महिलाओं को सिलाई मशीनवितरित की, पितृत्व योजना के तीन लाभार्थियों को 21-21 हजार रुपए, एक श्रमिक को मातृत्व योजना के तहत 36 हजार रुपए तथा 12 श्रमिकों को कन्यादान योजना के तहत 51-51 हजार रुपए के चेक प्रदान किए। श्रम एवं रोजगार मंत्री ने हरियाणा में पूर्व सरकार के 10 वर्षों के कार्यकाल में श्रमिकों के कल्याण पर महज 28 करोड़ रुपए खर्च किए वहीं मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में वर्तमान सरकार ने महज साढ़े तीन वर्ष के कार्यकाल में श्रमिकों को 400 करोड़ रुपए की सहायता पहुंचाई है। इसके साथ ही श्रमिकों का शोषण करने वाली ट्रेड यूनियनों पर भी सरकार ने नकेल कसी है। अब केवल सात ट्रेड यूनियनों के माध्यम से या ऑनलाइन पंजीकरण करवाकर श्रमिक सरकार की योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं। 
श्रमिकों के कल्याण के लिए यह बनी योजनाएं
श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री नायब सिंह सैनी ने श्रमिकों के कल्याण के लिए हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण श्रमिक बोर्ड की हाल में आयोजित 15वीं वार्षिक बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा के लिए दी जा रही सहायता राशि में करीब 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है। इसके साथ ही 10वीं कक्षा में उत्कृष्टï स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों को पहली बार प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके तहत कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों की सहायता राशि को 3 हजार से बढ़ाकर 8 हजार, नवीं से 12वीं तथा आईटीआई के छात्रों की राशि 6 से बढ़ाकर 10 हजार, स्नातक के लिए 8 से बढ़ाकर 15 हजार तथा स्नातकोतर विद्यार्थियों की सहायता राशि 12 हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपये वार्षिक की गई है। इसके अलावा श्रमिकों के बच्चों द्वारा निजी संस्थानों में इंजीनियरिंग, चिकित्सा शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, प्रबन्धन तथा अन्य व्यवसायिक कोर्सों की पढ़ाई का खर्च भी बोर्ड द्वारा वहन किया जाएगा, इससे पहले केवल यह सुविधा सरकारी संस्थानों में ही दी जाती थी। 
पेंशन के साथ मिलेगी आर्थिक सहायता से राहत
श्रम मंत्री ने बताया कि 10 वीं की परीक्षाओं में उत्कृष्टï प्रदर्शन करने वाले श्रमिकों के बच्चों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके तहत 90 प्रतिशत या अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 51 हजार रुपये, 80 प्रतिशत या अधिक अंक पर 41 हजार रुपये, 70 प्रतिशत या अधिक अंक आने पर 31 हजार तथा 60 प्रतिशत या अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 21 हजार रुपये की एक मुश्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को कन्यादान के तौर पर 51 हजार रुपये की राशि दी जाती है, इसके अलावा भविष्य में लडकी की शादी में अतिरिक्त सहायता के तौर पर 50 हजार रुपये और दिये जाएंगे। इसके अलावा, मजदूरों को पंजीकरण करवाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिनकी पंजीकरण अवधि 5 वर्ष होगी। पंजीकृत श्रमिक की मृत्यु होने पर अब उसके आश्रितों को भी परिवार की शिक्षा, स्वास्थ्य, अपंगता पैंशन तथा अन्य सहायता दी जाएगी। श्रमिकों द्वारा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लिए क्लेम प्रस्तुत करने की निर्धारित समय सीमा 6 माह से बढ़ाकर एक वर्ष कर दी है। इसके साथ ही अपंजीकृत श्रमिकों की भी कार्यस्थल पर दुर्घटनावश अपंगता होने पर पहली बार 1.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है। दूसरे चरण में अंतोदय आहार योजना के अन्तर्गत श्रमिकों के लिए 6 अन्य जिलों में सरकारी भोजनालय खोले जाएंगे।
किसान और मजदूर दो बैलों की जोड़ी
हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने मजदूर और किसान को दो बैलों की जोड़ी की संज्ञा देते हुए कहा कि देश के विकास और पूंजी में इनकी हिस्सेदारी है, देश भी इनसे चलता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चल रही सरकारों ने गरीबों के सपनों को पूरा करने की दिशा में बेहतर काम किया है। जिसके चलते आज देश का गरीब ठान चुका है कि यह उनकी अपनी सरकार है। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का जिक्र आने पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने कहा कि जिस घर में अब तक गैस का कनेक्शन नहीं है उनको जल्द दिलाया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान ही उन्होंने ऐसी महिलाओं की सूची तैयार कराने के अधिकारियों को निर्देश दिए जिनके घर आज भी रसोई गैस का कनेक्शन नहीं है।
दस साल पर भारी भाजपा के साढ़े तीन साल
ओमप्रकाश धनखड़ ने बादली के विकास को लेकर पूर्व की सरकार के दस वर्षों के कार्यकाल के साथ तुलना करते हुए बताया कि महज साढ़े तीन वर्ष के कार्यकाल में बादली को तहसील, खण्ड व उपमण्डल का दर्जा मिला। दोहरा बाइपास, बड़े अस्पताल की मंजूरी, महाग्राम  तथा रू अर्बन जैसी योजनाओं से बादली का विकास शहरों की तर्ज पर होगा। उन्होंने अंत्योदय मेला के दौरान श्रमिक व जरूरतमंदों को मिले लाभ पर भावुक होते हुए अपने संघर्ष के संस्मरण भी लोगों के साथ सांझा किए। उन्होंने बताया कि यह सरकार गरीबों को समर्पित है जबकि पिछली सरकार बड़े लोगों की सरकार थी और तब काम भी बड़े लोगों के होते थे। महिलाओं के स्वावलंबन के लिए कृषि मंत्री के प्रयासों से बादली विधानसभा क्षेत्र में आरंभ समर्थ योजना की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि क्षेत्र की 1100 महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई सिखा कर आत्मनिर्भर बनाने की यह योजना जारी है।
Have something to say? Post your comment