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हरियाणा सरकार ने राज्य में सूक्ष्म और लघु उद्यमों को सस्ती बिजली आपूर्ति प्रदान करने के लिए ‘पावर टैरिफ सब्सिडी योजना’ अधिसूचित की

June 14, 2018 04:30 PM
हरियाणा सरकार ने राज्य में सूक्ष्म और लघु उद्यमों को सस्ती बिजली आपूर्ति प्रदान करने के लिए ‘पावर टैरिफ सब्सिडी योजना’ अधिसूचित की है। इस योजना के तहत, ‘सी’ और ‘डी’ श्रेणी खंडों में सूक्ष्म और लघु उद्यमों को बिजली कनेक्शन जारी करने की तिथि से तीन वर्ष के लिए दो रुपये प्रति यूनिट की पावर टैरिफ सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया  पावर टैरिफ सब्सिडी प्रदान करने की यह योजना 15 अगस्त, 2015 से प्रभावी होगी तथा 5 वर्ष तक की अवधि के लिए जारी रहेगी।
उन्होंने बताया कि जिन इकाइयों को उद्यम प्रोत्साहन नीति 2015 की अधिसूचना अर्थात 15 अगस्त,2015 को या उसके बाद बिजली कनेक्शन जारी किया गया है, वे 14 अगस्त, 2020 तक पावर टैरिफ सब्सिडी के लिए पात्र होंगी। उन्होंने कहा कि ‘सी’ और ‘डी’ श्रेणी खंडों में स्थापित ऐसे सूक्ष्म एवं लघु उद्योग इस योजना के लिए पात्र होंगे, जिन्होंने पोर्टल https://udyogadhaar.gov.in पर संबंधित जिला उद्योग केंद्र के साथ उद्योग आधार ज्ञापन (यूएएम) फाईल किया है।
          योजना की पात्रता शर्तों का जिक्र करते हुए प्रवक्ता ने बताया कि उस उद्यम को राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर अधिसूचित प्रतिबंधित सूची में न रखा गया हो। इसके अलावा, सब्सिडी जारी करने के समय उद्यम नियमित उत्पादन कर रहा हो और यह सब्सिडी बंद इकाइयों को जारी नहीं की जाएगी। 
उन्होंने बताया कि पावर टैरिफ सब्सिडी प्राप्त करने के लिए आवेदन आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित फॉर्म पर विभाग के वेब पोर्टल पर उद्योग और वाणिज्य निदेशक को भेजना होगा। आवेदन की जांच की जाएगी और कमियां, यदि कोई है तो उस बारे 10 कार्य दिवसों के भीतर आवेदक को लिखित में सूचित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आवेदक को इन कमियों को दूर करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर कमियों को दूर नहीं जाता है तो पोर्टल के माध्यम से पार्टी को सूचित करते हुए सक्षम प्राधिकारी द्वारा दावा दायर किया जा सकता है। सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बिना उद्यम को निर्दिष्ट किए गए दस्तावेजों अलावा कोई अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने बताया कि इस प्रकार फाइल किए गए दावों को प्रशासनिक सचिव, उद्योग और वाणिज्य विभाग के आदेशों पर फिर से खोला जा सकता है, बशर्ते ऐसे अनुरोध नामित सक्षम प्राधिकारी द्वारा दावे को अस्वीकार किए जाने की तिथि से 30 दिनों की अवधि के भीतर प्राप्त हों।
प्रवक्ता ने बताया कि स्वीकृत राशि राज्य सरकार के खजाने के माध्यम से सीधे आवेदक के बैंक खाते में जमा की जाएगी। उन्होंने कहा कि सब्सिडी राशि जारी होने से पहले आवेदक को हलफनामा और पूर्व-रसीद जमा करनी होगी और निदेशक, उद्योग और वाणिज्य पावर टैरिफ सब्सिडी की मंजूरी के लिए सक्षम प्राधिकारी होंगे।
उन्होंने बताया कि आवेदक इस योजना की अधिसूचना की तिथि से 15 अगस्त, 2015 तक की अवधि की प्रतिपूर्ति के लिए इस योजना की अधिसूचना जारी होने की तिथि से छ: महीनों के भीतर दावा आवेदन जमा करा सकते हैं। हालांकि, आवेदक को वित्तीय वर्ष की तिमाही समाप्त होने के बाद छ: महीनों केभीतर प्रत्येक तिमाही के लिए दावे प्रस्तुत करने होंगे। अन्यथा आवेदक की पावर टैरिफ सब्सिडी की पात्रता समाप्त हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा पारित आदेशों के खिलाफ प्रशासनिक सचिव, उद्योग एवं वाणिज्य को ऐसे आदेश प्राप्त होने की तिथि से 30 दिनों की अवधि के भीतर अपील की जा सकती है। अपील में प्रशासनिक सचिव द्वारा पारित आदेश अंतिम होगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर यह पाया जाता है कि आवेदक ने किसी भी झूठी सूचना के आधार पर पावर टैरिफ सब्सिडी का दावा किया है तो आवेदक को 12 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज की चक्र दर के साथ सब्सिडी राशि वापस करने के अलावा कानूनी कार्रवाई का सामना करना होगा और उसे राज्य सरकार से किसी भी प्रकार का प्रोत्साहन या सहायता प्राप्त करने से वंचित कर दिया जाएगा।
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