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संघ के राष्ट्रवाद का मुकाबला कर सकेगा 'ध्वजवंदन'कांग्रेस का सेवा दल 'ध्वजवंदन' के जरिए चुनौती देने की तैयारी में जुटा

June 14, 2018 06:11 AM

COURSTEY NBT JUNE 14

संघ के राष्ट्रवाद का मुकाबला कर सकेगा 'ध्वजवंदन'/


कांग्रेस का सेवा दल 'ध्वजवंदन' के जरिए चुनौती देने की तैयारी में जुटा
उनके हाथ में डंडा, हमारे हाथ में झंडा

सेवा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी देसाई हालांकि यह मानने को तैयार नहीं है कि उनका ध्वज वंदन कार्यक्रम संघ के ध्वज वंदन का जवाब है। देसाई का कहना है कि संघ की शाखाओं में तिरंगा नहीं फहराया जाता। वहां केसरिया ध्वज के नीचे शाखाएं लगती हैं। देसाई बताते हैं कि संघ मुख्यालय में 2002 तक कभी तिरंगा नहीं फहराया गया। देसाई संघ पर कटाक्ष करते हुए कहते हैं कि उनके हाथ में डंडा, जबकि हमारे हाथ में झंडा रहता है। डंडा बाहुबल का प्रतीक है। झंडा सत्य, अहिंसा, अखंडता व समानता का।
Manjari.Chaturvedi

@timesgroup.com

• नई दिल्ली: संघ और बीजेपी को रोकने के लिए एक तरफ जहां कांग्रेस तमाम विपक्षी दलों के साथ मिलकर एक मजबूत मंच तैयार करने में जुटी है, वहीं अपने फ्रंटल संगठन सेवा दल के जरिए जमीनी स्तर पर भी लड़ाई तेज कर रही है। सेवा दल द्वारा देशभर में 1000 जगहों 'ध्वज वंदन' की योजना को संघ के राष्ट्रवाद को चुनौती देने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। जिस तरह से संघ ने देश में राष्ट्रीयता और राष्ट्रवाद आक्रामक बहस शुरू की है, उसी की काट के तौर पर कांग्रेस 'ध्वज वंदन' कार्यक्रम लेकर आई है।

संघ की तरह ही सेवा दल भी एक काडर पर आधारित संगठन है। कांग्रेस के एक सीनियर नेता का कहना है कि सेवा दल का ध्वज वंदन कोई नई चीज नहीं है। हमारे यहां हमेशा से यह होता रहा है। महीने में एक बार रविवार सेवादल के हर केंद्र पर यह होता रहा है। लेकिन सचाई यह है कि पिछले कुछ अर्से से सेवादल की सक्रियता और गतिविधियां कम रही हैं।

हाल ही में सेवा दल की दो दिन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक दिल्ली में हुई। इसमें बाकायदा सेवा दल के लिए एक रोडमैप तैयार किया गया। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस ने अपने सेवा दल कर्मियों के जरिए देश के दूरदराज इलाकों में पैठ बनाने की तैयारी की है। सेवा दल की योजना है कि आने वाले दिनों में वह बूथ स्तर पर जहां एक ओर तिरंगे की अहमियत बताएगा, वहीं दूसरी ओर संघ के गेरुए झंडे और बीजेपी के दोरंगे झंडे (हरा-केसरिया) की असलियत भी बताएगा। सेवादल का नारा है - 'गांव गांव गली गली, अब लड़ेगा सेवादली'।

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