Sunday, June 24, 2018
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Haryana

स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशों के बाद युद्ध स्तर पर आरम्भ हुए सफाई कार्य- नगर निगम, सिंचाई विभाग, कैंटोनमैंट बोर्ड और रेलवे ने ड्रेनों की सफाई में झौंकी पूरी ताकत

June 13, 2018 05:48 PM
स्वास्थ्य, खेल एवं युवा कार्यक्रम मंत्री अनिल विज द्वारा नालों व ड्रेनों की सफाई को लेकर गत दिवस अधिकारियों को दिये गये निर्देशों का असर नजर आने लगा है। सदर क्षेत्र के सभी इलाकों में ड्रेनों और नालों की सफाई का कार्य युद्ध स्तर पर आरम्भ हो चुका है। 
नगर निगम के संयुक्त आयुक्त गगनदीप सिंह ने बताया कि बब्याल क्षेत्र के नाले की सफाई के लिए जेसीबी मशीन और 20 कर्मचारी लगाये गये हैं। इसी प्रकार महेशनगर ड्रेन की सफाई के लिए भी 35 कर्मचारी लगाये गये हैं। नगर निगम ने भी सफाई कर्मचारियों की संख्या बढाकर वार हीरोज स्टेडियम के सामने से गुजरने वाले नाले की सफाई के लिए 15 और गुडगुडिया नाले की सफाई के लिए विजयरतन चौक पर 20 सफाई कर्मचारी तैनात किये गये हैं। रेलवे ट्रैक से नीचे से गुजरने वाले नालों की सफाई के पोकलेन मशीन को नाले में उतारा गया है। इसी प्रकार वार्ड नम्बर 17 में नालों की सफाई के लिए 15 कर्मचारी लगाये गये हैं। इंदिरा पार्क के नजदीक गुडगुडिया नाले की सफाई के लिए जेसीबी मशीन लगाई गई है। 
सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता पी.के. गुप्ता ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिये कि वे टांगरी नदी की खुदाई का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू करें क्योंकि रेत न हटाने की स्थिति में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने स्वास्थ्य मंत्री के इन आदेशों को कार्यरूप देने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है और शीघ्र ही टांगरी में आने वाले पानी के सुगम बहाव के लिए रेत हटाकर रास्ता तैयार किया जायेगा। इसी प्रकार सेना और वायुसेना क्षेत्र से गुजरने वाले नालों की सफाई के लिए कैंटोनमैंट बोर्ड के अधिकारियों ने यह कार्य युद्ध स्तर पर आरम्भ करवाया है। इस कार्य से अम्बाला छावनी में जल भराव की समस्या से निजात मिलेगी। इसके अलावा अम्बाला-जगाधरी मार्ग पर रेलवे लाईन के नीचे से रेत हटाने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा रेलवे के इंजिनियरों की देखरेख में रेत को हटाया जा रहा है। इस कार्य के लिए दो जेसीबी मशीने और ट्रैक्टर-ट्रालियां भी लगाई है।  उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य मंत्री ने नगर निगम, सिंचाई विभाग, रेलवे और कैंटोनमैंट बोर्ड को नालों की सफाई के लिए पांच दिन का समय दिया है और उसके बाद वह कभी भी औचक निरीक्षण करके नालों की सफाई का जायजा लेंगे। 
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