Sunday, June 24, 2018
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Haryana

बैंक डीआरआई, स्टैंडअप, स्टार्टअप व मुद्रा लोन देने में लाएं तेजी-एडीसी दहिया

June 13, 2018 04:36 PM
रेवाडी :अतिरिक्त उपायुक्त प्रदीप दहिया ने बैंकों के प्रतिनिधियों से कहा है कि ऋण के जो लक्ष्य उन्हें दिए गए हैं वे उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूरा करें। बैंकों द्वारा दिया गया ऋण लोगों को रोजगार के साथ-साथ उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करता है। बैंकोंं की नीतियां बढिय़ा है तो ऋण देने की नियत भी अच्छी होनी चाहिए। बैंकों द्वारा दिया गया ऋण किसी की जिंदगी को बदल सकता है।
एडीसी आज जिला सचिवालय सभागार में रेवाड़ी जिला में कार्यरत्त सभी बैंक के प्रतिनिधियों के साथ डीआरआई, स्टैंडअप, स्टार्टअप व मुद्रा लोन से संबंधित बैठक की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि रेवाड़ी जिला में 198 बैंकों की ब्रांच हैं, ये सभी ब्रांचें स्टैंडअप में 31 अगस्त तक एक या दो लोन अवश्य करें। उन्होंने पीएनबी, एचडीएफसी, एसबीआई व बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रतिनिधियों से कहा कि वे डीआरआई में 31 अगस्त तक दो-दो लोन अवश्य करें। 
प्रदीप दहिया ने बताया कि ब्याज की अंतर दर (डीआरआई) में केवल 74 लोन रेवाड़ी के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में अब तक हुए हैं जो कि बहुत कम हैं। बैंकों को इसमें और अधिक कार्य करने की जरूरत है ताकि लोगों को ज्यादा से ज्यादा ऋण देकर उन्हें रोजगार के लिए प्रेरित किया जा सके। उन्होंने बताया कि डीआरआई के तहत 18 हजार रुपए वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्र के तथा 24 हजार शहरी क्षेत्र में सालाना आय वाले लोगों को ऋण दिया जाता है। स्टैंड अप के तहत अब तक 26 लोगों को लोन दिए गए हैं। इस योजना के तहत 10 लाख से एक करोड़ रुपए तक का ऋण दिया जाता है तथा प्रत्येक ब्रांच को एक-एक अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति तथा महिला को ऋण देना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि स्टार्टअप के तहत नए व्यवसायिओं को ऋण दिया जाता है जो कि जिला में अभी तक किसी बैंक द्वारा लोन नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि नए लोगों को इस योजना के तहत ऋण दें ताकि एक वह अपना कार्य कर सके।
एडीसी ने मुद्रा लोन के बारे में बताया कि 6555 लोन के केस हो चुके हैं, जिसके तहत शिशु लोन 50 हजार रुपए का, किशोर लोन 50 हजार से 5 लाख रुपए तथा तरूण लोन में 5 लाख से 10 लाख रुपए तक का ऋण दिया जाता है।
प्रदीप दहिया ने बैंकर्स से कहा कि सरकार की हिदायतों के अनुसार लोन दें तथा इसके लिए जरूरत हो तो ऋण मेला भी लगाएं। एडीसी ने कहा कि नाहड़ खंड में परिवर्तन योजना के तहत बैंकर्स कार्य करें तथा इसमें ऋण दें।
इस बैठक में अग्रिणी बैंक के एलडीएम एसएस गुप्ता सहित सभी बैंकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। 
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