Monday, September 24, 2018
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Haryana

एबीपीओ द्वारा लक्ष्य पूरे न करने पर एडीसी ने लगाई फटकार

June 12, 2018 03:26 PM

अतिरिक्त उपायुक्त प्रदीप दहिया ने आज प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा व स्वच्छ भारत मिशन योजनाओं की समीक्षा की। अतिरिक्त उपायुक्त प्रदीप दहिया ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा करते हुए सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन लाभार्थियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली किस्त ले ली है तथा दूसरी व तीसरी किस्त लेने के लिए नहीं आ रहे हैं ऐसे लाभार्थी 25 जून तक अपनी दूसरी व तीसरी किस्त के लिए आवेदन करें अन्यथा उनके खिलाफ कानून कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि जो लाभार्थी दूसरी व तीसरी किस्त नहीं ले रहे हैं इसका मतलब यह है कि उन्होंने पहली किस्त में मिले पैसों का सदपयोग नहीं किया है। इसकी जांच करें तथा दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ एफआईआर भी लॉज कराएं।
    बैठक में बताया गया कि वर्ष 2016-17 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत कुल 105 लाभार्थियों का चयन हुआ था, जिनमें से 10 केस ऐसे हैं जिन्होंने दूसरी किस्त नहीं ली है व 51 केस ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक तीसरी किस्त नहीं ली है। वर्ष 2015-16 में 180 लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने के लिए चुना गया, जिनमें से 13 केस ऐसे हैं जिन्होंने दूसरी किस्त नहीं ली है। जबकि 48 केस ऐसे हैं जिनकी तीसरी अभी बाकी है। वर्ष 2014-15 में 707 केस चुने गए जिनमें 55 केस दूसरी किस्त तथा 178 केस तीसरी किस्त के लंबित हैं। 
    स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा करते हुए एडीसी ने बताया कि जिले में 63 प्रोजेक्टों पर कार्य होना है, जिनमें से 26 ठोस कूड़ा प्रबंधन कार्य शुरू हो चुका है जो गांव-गांव से कूड़ा कर्कट एकत्रित करते हैं तथा जिनसे जैविक खाद तैयार की जा रही है। इसके अतिरिक्त तरल कूड़ा प्रबंधन पर भी कार्य प्रगति पर है। 
    एडीसी ने मनरेगा योजना की समीक्षा करते हुए सभी अतिरिक्त खंड परियोजना अधिकारियों को सख्त आदेश देते हुए कहा कि लेबर बजट के लक्ष्य पूरे नहीं हैं इस कार्य पर उन्होंने असंतोष जताया। दहिया ने समीक्षा करते हुए पाया कि बावल के अतिरिक्त खंड परियोजना अधिकारी कुलदीप जिसका लक्ष्य 0 प्रतिशत था तथा खोल खंड के अतिरिक्त खंड परियोजना अधिकारी विपिन का लक्ष्य केवल 4.20 प्रतिशत था। इनके खिलाफ कार्यवाही करने के आदेश भी उन्होंने दिए। गौरतलब है कि वर्ष 2018-19 में एक अप्रैल से 10 जून 2018 तक मनरेगा की इस बैठक में समीक्षा की गई थी। 
    इस बैठक में डीडीपीओ राजबीर खुंडिया, कार्यकारी अभियंता पंचायती राज धर्मबीर सिंह, जिला सांख्यकीय अधिकारी बीएस छोक्कर, बीडीपीओ राजेन्द्र, अजीत, दीपक के अलावा राकेश व रविन्द्र भी उपस्थित रहे।

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