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Haryana

विश्वविद्यालयों को शिक्षा की गुणवता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत : मनोहर लाल

June 09, 2018 05:32 PM

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों को शिक्षा की गुणवता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इसके लिए हमें विश्वविद्यालयों में साईंस फैकल्टी को ओर अधिक मजबूत बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नए स्कूल व कॉलेजों में भी सांइस फैकल्टी का विस्तार किया जा रहा है और अब हमें स्किल आधारित शिक्षा व डिजीटल तकनीक पर आधारित नए पाठ्यक्रम भी शुरू करने की जरूरत है ताकि हरियाणा के युवा वैश्विक स्तर की शिक्षा ग्रहण कर अपनी पहचान बना सकें।
वे आज कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद व कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में  प्रदेशभर के राज्य से अनुदान प्राप्त विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, कुलसचिवों व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के लिए विश्वविद्यालय में शैक्षणिक व आर्थिक प्रबंधन विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के अंतिम दिन प्रथम सत्र में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक विश्वविद्यालय कम से कम एक विषय में अपनी उत्कृष्टता साबित करें। ऐसा करने से अन्तर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश के विश्वविद्यालयों की एक पहचान बनेगी व हरियाणा प्रदेश को उच्चतर शिक्षा के क्षेत्र में एक आदर्श प्रदेश के रूप में स्थापित किया जा सकेगा। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक दृष्टि से बड़े परिवर्तन के लिए बदलाव की आवश्यकता है। पिछले कुछ वर्षों में हरियाणा में विश्वविद्यालय व कॉलेजों की संख्या बड़ी तेज गति के साथ बढ़ी है। इसका मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं उच्च शिक्षा से जोडकऱ उन्हें शिक्षित व सक्षम बनाना है। 21वीं सदी में देश के युवा अपनी महत्वपूर्ण भूमिका तभी निभा सकेंगे जब वे शिक्षित, सक्षम व कुशल होंगे। देश व समाज को विश्वविद्यालयों से बड़ी अपेक्षाएं हैं चूंकि शिक्षा युवाओं से जुड़ा विषय है। समाज के साथ युवाओं को भी विश्वविद्यालयों से बड़ी अपेक्षाएं हैं। देश की युवा शक्ति को कुशल जनशक्ति बनाने का दायित्व विश्वविद्यालयों का है। युवा अपने सपनों को पूरा करने के लिए विश्वविद्यालयों में आते हैं इसलिए यह विश्वविद्यालयों का दायित्व है कि वे उन्हें अच्छी शिक्षा दें ताकि वे खुद को सक्षम बनाकर नए भारत के निर्माण में अपना योगदान दे सकें। शिक्षा से ही लोगों का जीवन स्तर उपर उठता है और इससे समाज में खुशहाली आती है। खुशहाल समाज की स्थापना का रास्ता उच्च शिक्षा से होकर ही गुजरता है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य से जुड़े विषय राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता हैं। आज प्रदेश में 50 से अधिक विश्वविद्यालय खुल गए हैं। हरियाणा में 20 किलोमीटर के दायरे में एक कॉलेज है। राज्य  सरकार ने 29 और  ऐसी जगहों को चिन्हित किया गया है जहां पर  नए कॉलेजों की आवश्यकता है। इन नए कॉलेजों के निर्माण के बाद हरियाणा में बेटियों व ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा। हरियाणा सरकार ने प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज बनाने का लक्ष्य रखा है। जब सभी मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार हो जाएंगे तो हरियाणा से हर वर्ष कम से कम 2000 चिकित्सक बनकर निकलेंगे। 
    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने युवाओं को शिक्षित व कुशल बनाने के लिए कई नए कार्यक्रम शुरू किए हैं। मुख्यमंत्री ने हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद द्वारा किए जा रहे कार्यो की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों में आर्थिक व शैक्षणिक प्रबंधन सहित जितने भी विषयों पर मंथन इस कार्यशाला में किया गया है वे सभी विषय हरियाणा में उच्चतर शिक्षा के विकास के लिए बेहद ही आवश्यक हैं। इस दो दिवसीय कार्यशाला में उच्च शिक्षा को लेकर जितने भी सुझाव आएंगे उन्हीं के आधार पर भविष्य में उच्च शिक्षा के लिए हरियाणा में योजनाएं बनेंगी। मुख्यमंत्री ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों व अधिकारियों से आह्वान किया कि वे अपने एल्यूमनी डाटा बेस को मजबूत बनाएं ताकि विश्वविद्यालयों के निर्माण में पूर्व छात्रों की भूमिका को ओर अधिक बढ़ाया जा सके।
    इस विशेष सत्र की अध्यक्षता करते हुए व कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. बृज किशोर कुठियाला ने कहा कि हरियाणा प्रदेश उच्च शिक्षा के क्षेत्र में श्रेष्ठ प्रदेशों में से एक है। हरियाणा प्रदेश में उच्च शिक्षा में ग्रोस एनरोलमेंट रेशो अन्य प्रदेशों से अधिक है। हरियाणा की गुणात्मक दृष्टि से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पहचान बने इस दिशा में सभी को मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है। अब यह विचार करने की जरूरत है कि हमारे विश्वविद्यालय व कॉलेज देश के लिए कैसा मानव संसाधन तैयार कर रहे हैं। आने वाले समय में हरियाणा प्रदेश की प्रगति की गुणवता के मानक इस बात से ही तय होंगे कि हरियाणा के युवा कितने शिक्षित व सक्षम व कुशल हैं। उन्होंने कहा कि कुछ करने की कामना करने वाला युवा ही किसी नए समाज का निर्माण करते हैं। ऐसे युवा हरियाणा में तैयार हों, यही विश्वविद्यालयों व कॉलेजों का मुख्य उदेश्य होना चाहिए। हरियाणा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक आदर्श प्रदेश बने इस दिशा में ही हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद कार्य कर रही है। 
    उन्होंने कहा कि इस दो दिवसीय कार्यशाला में विश्वविद्यालयों की स्वायत्ता एवं जवाबदेही, सुरक्षा एवं स्वच्छता, नए पाठ्यक्रमों का निर्माण, कालेज व विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति, परीक्षा तंत्र की चुनौतियां, आर्थिक प्रबंधन, सहित विभिन्न विषयों पर गंभीर मंथन हुआ है। हरियाणा के विश्वविद्यालयों में संसाधन, ज्ञान, अनुभव, शोध को सांझा कर गुणात्मक परिवर्तन कैसे किया जा सकता है, इस बारे में ही प्रदेशभर के विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच विचार मंथन हुआ है। उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों को अब अपने किसी एक विभाग को चिन्हित कर उसे देश का सर्वश्रेष्ठ संस्थान बनाने की दिशा में प्रयास करने की जरूरत है। इसके साथ ही विश्वविद्यालयों में ऋषि मुनियों, महापुरूषों व प्राचीन साहित्य पर शोध करने की जरूरत है ताकि महापुरूषों के जीवन पर वर्तमान दृष्टिकोण से शोध कर उसे आने वाली पीढिय़ों को दिया जा सके। 
    प्रो. बीके  कुठियाला ने कहा कि प्रदेश के विश्वविद्यालया में एक स्वस्थ प्रतियोगिता हो इसके लिए हरियाणा में बने नए विश्वविद्यालयों को भी एक विशेष पैकेज देकर विकसित करने की जरूरत है। ऐसा करने से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में चल रही प्रतियोगिता का हिस्सा बनकर खुद को साबित करने में वे सफल होंगे। उन्होंने कहा कि सभी विश्वविद्यालय शैक्षणिक खेल व सांस्कृतिक गतिविधियों का एक विशेष कैलेंडर बनाएं ताकि विद्यार्थियों को दाखिला लेते समय ही पता हो कि आने वाले सत्र में किस तरह की गतिविधियां उनके विश्वविद्यालय में होने वाली हैं।इस तरह के कार्यों से ही आने वाले समय में हरियाणा में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक दृष्टि से सुधार किया जा सकता है।  हरियाणा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़े इसके लिए हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर एक सामूहिक कार्य योजना तैयार करेगा जिसका आने वाले समय में हरियाणा व उसकी भावी पीढ़ी को इसका फायदा होगा।
    इस मौके पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. कैलाश चन्द्र शर्मा ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल का स्वागत करते हुए कहा कि हरियाणा में राज्य सरकार की ओर से उच्च शिक्षा के लिए जिस तरह की योजनाएं बनाई जा रही हैं उसका सकारात्मक परिवर्तन आने वाले दिनों में हरियाणा में देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने बेटियों को शिक्षित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं जिसका फायदा अब हरियाणा के युवाओं को हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस दो दिवसीय कार्यशाला में विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक व आर्थिक प्रबंधन की दृष्टि से कई महत्वपूर्ण चर्चाएं हुई हैं जिसका आने वाले समय में विश्वविद्यालयों को फायदा होगा। इस अवसर पर हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. बृज किशोर कुठियाला ने स्मृति चिन्ह भेंट कर मुख्यमंत्री को सम्मानित किया। 
    इस मौके पर स्टेट यूनिवर्सिटी आफ पर्फोमिंग एंड विजुअल आर्टस के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह, सीडीएलयू सिरसा के कुलपति डॉ विजय के कायत, दीनबंधू छोटूराम यूनिवर्सिटी मुरथल के कुलपति प्रो. राजेन्द्र कुमार अनायत, चौधरी बंसी लाल यूनिवर्सिटी भिवानी के कुलपति प्रो. राजकुमार मित्तल, हरियाणा विश्वकर्मा स्किल यूनिवर्सिटी फरीदाबाद के कुलपति राज नेहरू, वाईएमसीए फरीदाबाद के कुलपति डॉ. दिनेश कुमार, भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय  खानपुर की कुलपति प्रो. सुषमा यादव, लाडवा के विधायक डॉ. पवन सैनी, भाजपा के जिला अध्यक्ष धर्मबीर मिर्जापुर,जिला परिषद अध्यक्ष गुरदयाल सुनहड़ी सहित विश्वविद्यालयों के कुलपति व कुलसचिव मौजूद थे।

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