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Haryana

पहाड़ों से पानी कम आया, इसमें भी राजनीति तलाश रही है कांग्रेस

June 08, 2018 10:18 PM
हरियाणा के मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार, श्री राजीव जैन ने कहा है कि अबकी बार अप्रैल-मई में अधिक पश्चिम विक्षोभ आने की वजह से पहाड़ों में गर्मी कम पड़ी है और बर्फ भी कम पड़ी है। इस कारण भाखड़ा बांध व यमुना नदी में पानी का बहाव कम हो गया है। हरियाणा ही नहीं अन्य राज्य भी कम पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। वर्ष 1963 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि भाखड़ा बांध पर पानी का स्तर इतना नीचे गया है। उन्होंने कांग्रेसी नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के आरोप को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि हुड्डा पहाड़ों से कम पानी नदियों में आने पर भी भाजपा को दोषी ठहारने की कोशिश कर रहे हैं। हथिनीकुंड बैराज से यमुना में जहां वर्ष 2017 में 4000 से 4500 क्यूसिक पानी छोड़ा गया था, वहीं वर्ष 2018 में पहाड़ों से कम पानी आने के कारण यह घटकर 2000 से 2200 क्यूसिक रह गया। खुद भारतीय मौसम विभाग ने माना है कि पहाड़ों पर पूर्व के मुकाबले कम बर्फ पिघली है, जिसकी बदौलत पानी की उपलब्धता प्रभावित हुई है। मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के प्रयासों से सभी जलघरों व तालाबों में अप्रैल-मई में पानी छोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तालाब प्राधिकरण बनाकर साढ़े 14 हजार तालाबों में लगातार पानी रखने तथा पानी के दुरुपयोग को रोकते हुए रीयूज पर काम करने की रणनीति बनाई गई है। इसके लिए युवाओं का दल गांव-गांव जाकर खत्म होते तालाबों को जीवित रखने तथा उनमें पानी की उपलब्धता पर अपनी कार्य योजना तैयार करके देंगे। उन्होंने कहा कि श्री मनोहर लाल ने तो हरियाणा में अतिरिक्त पानी लेने के लिए पंजाब के सीएम से पत्र व्यवहार तक किया है, ताकि पाकिस्तान जाने वाले पानी को हरियाणा में लाया जा सके। पेयजल को लेकर किसी तरह की दिक्कत नहीं है। 
बीबीएमबी का सिंचाई सदस्य को लेकर उन्होंने कहा कि पिछली कई सालों से हरियाणा का सदस्य ही इस पद पर लगता रहा है। राजस्थान ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री के सामने यह प्रस्ताव रखा था कि यह रोटेशन से लगाया जाए, लेकिन मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने इसका विरोध किया था। अब यह सदस्य हरियाणा का ही लगेगा। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री सैद्धांतिक रुप से मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की इस बात से सहमत थे।  

हरियाणा के मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार, श्री राजीव जैन ने कहा है कि अबकी बार अप्रैल-मई में अधिक पश्चिम विक्षोभ आने की वजह से पहाड़ों में गर्मी कम पड़ी है और बर्फ भी कम पड़ी है। इस कारण भाखड़ा बांध व यमुना नदी में पानी का बहाव कम हो गया है। हरियाणा ही नहीं अन्य राज्य भी कम पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। वर्ष 1963 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि भाखड़ा बांध पर पानी का स्तर इतना नीचे गया है। उन्होंने कांग्रेसी नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के आरोप को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि हुड्डा पहाड़ों से कम पानी नदियों में आने पर भी भाजपा को दोषी ठहारने की कोशिश कर रहे हैं। हथिनीकुंड बैराज से यमुना में जहां वर्ष 2017 में 4000 से 4500 क्यूसिक पानी छोड़ा गया था, वहीं वर्ष 2018 में पहाड़ों से कम पानी आने के कारण यह घटकर 2000 से 2200 क्यूसिक रह गया। खुद भारतीय मौसम विभाग ने माना है कि पहाड़ों पर पूर्व के मुकाबले कम बर्फ पिघली है, जिसकी बदौलत पानी की उपलब्धता प्रभावित हुई है। मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के प्रयासों से सभी जलघरों व तालाबों में अप्रैल-मई में पानी छोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तालाब प्राधिकरण बनाकर साढ़े 14 हजार तालाबों में लगातार पानी रखने तथा पानी के दुरुपयोग को रोकते हुए रीयूज पर काम करने की रणनीति बनाई गई है। इसके लिए युवाओं का दल गांव-गांव जाकर खत्म होते तालाबों को जीवित रखने तथा उनमें पानी की उपलब्धता पर अपनी कार्य योजना तैयार करके देंगे। उन्होंने कहा कि श्री मनोहर लाल ने तो हरियाणा में अतिरिक्त पानी लेने के लिए पंजाब के सीएम से पत्र व्यवहार तक किया है, ताकि पाकिस्तान जाने वाले पानी को हरियाणा में लाया जा सके। पेयजल को लेकर किसी तरह की दिक्कत नहीं है। 
बीबीएमबी का सिंचाई सदस्य को लेकर उन्होंने कहा कि पिछली कई सालों से हरियाणा का सदस्य ही इस पद पर लगता रहा है। राजस्थान ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री के सामने यह प्रस्ताव रखा था कि यह रोटेशन से लगाया जाए, लेकिन मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने इसका विरोध किया था। अब यह सदस्य हरियाणा का ही लगेगा। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री सैद्धांतिक रुप से मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की इस बात से सहमत थे।  

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