Monday, September 24, 2018
Follow us on
Haryana

मनोहर लाल ने जिला सोनीपत में सभी दस्तावेजों के डिजिटलीकरण के लिए तैयार किए गए सॉफ्टवेयर के बेहतरीन कार्य को देखते हुए इस साफ्टवेयर को सभी जिलों में लागू करने को कहा

June 06, 2018 05:05 PM
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने जिला सोनीपत में सभी दस्तावेजों के डिजिटलीकरण के लिए तैयार किए गए सॉफ्टवेयर के बेहतरीन कार्य को देखते हुए इस साफ्टवेयर को सभी जिलों में लागू करने को कहा है। 
एक सरकारी प्रवक्ता ने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की डिजिटल इंडिया मुहिम को सोनीपत में जबरदस्त ढंग से लागू करते हुए जिला प्रशासन ने 1870 से रिकार्डरूम में रखे लाखों दस्तावेजों को डिजिटल करने का काम अब लगभग पूरा कर लिया है। इसके लिए जिला प्रशासन ने ई-रिवेन्यू आर्काइव्ज़ प्रोजेक्ट के तहत खुद का साफ्टवेयर तैयार किया है। ऐसे में अब जल्द ही आम लोगों को अपने पुराने रिकार्ड एक क्लिक पर ही उपलब्ध हो जाएंगे।
उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग से संबंधित जमाबंदी एवं इंतकाल, मिशल हल्फियत, दीवानी एवं राजस्व अदालतों के रिकार्ड और भूमि पंजीकरण रिकार्ड संबंधी अनेकों दस्तावेज लघु सचिवालय के रिकार्ड रूम में रखे गए हैं। किसी भी भूमि या राजस्व विवाद में इन अभिलेखों को देखने के बाद ही निर्णय लिया जाता है। जिला सोनीपत में यह अभिलेख 1870 के समय से ही रखे हुए हैं। अत्यधिक महत्वपूर्ण दस्तावेज होने के वजह से इनकी काफी अहमियत है। 
इन दस्तावेजों को स्टोर करने में हालांकि काफी एहतियात बरती जाती है लेकिन इसके बावजूद काफी खामियां व पुराने दस्तावेज होने की वजह से इनके खराब होने का खतरा बना रहता है। इन सभी रिकार्ड को कपड़े के बैग में भरकर रखा गया है लेकिन सभी ढंग से देखरेख न होने की वजह से इनमें दीमक की भी समस्या रहती थी। राजस्व के इन प्राचीन अभिलेखों को सहेजने के लिए जिला प्रशासन ने निर्णय लिया कि इन दस्तावेजों को अगर आनलाईन कर दिया जाए तो इन्हें बचाया जा सकता है। इसी को देखते हुए ई-रिवेन्यू आर्काइव्ज़ प्रोजेक्ट के तहत जिला प्रशासन द्वारा एक साफ्टवेयर तैयार किया गया। एनआईसी सोनीपत द्वारा तैयार इस साफ्टवेयर के जरिए रिकार्ड को स्कैन कर सभी फाईलों को डिजिटाईज करने का काम शुरू किया गया। 
इस रिकार्ड को बेहतर करने के लिए उर्दू जानने वाले पटवारियों व मौजूदा पटवारियों की टीम तैयार की गई। कंप्यूटर, स्कैनर, अग्निशमन, सीसीटीवी, एक्सिस कंट्रोल इत्यादि की सुविधाएं तैयार कर मार्डन रिकार्डरूम तैयार किया गया। इसके साथ ही सभी राजस्व कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। इस प्रशिक्षण में इस साफ्टवेयर के प्रयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। जिला के 50 प्रतिशत से अधिक राजस्व अभिलेखों को डिजिटाईज किया जा चुका है और जल्द ही इसे पूरे कर लिया जाएगा। इस संबंध में जिला प्रशासन की ओर से मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल को एक प्रेजेंटेशन भी दी गई। उन्होंने इस प्रेजेंटेशन के आधार पर इसे प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू करने के लिए कहा।
Have something to say? Post your comment