Saturday, January 19, 2019
Follow us on
Haryana

PANCHKULA : 43 डिग्री पारा, 42 घंटे से डंपिंग ग्राउंड में लगी आग के धुएं में सांस ले रहे 45 हजार परिवार

May 28, 2018 05:59 AM
COURSTEY DAINIK BHASKAR MAY 28 फायर अफसर कहता है-निगम ने मिट्टी की लेयर प्रॉपर तरीके से नहीं डलवाई, फायर टेंडर ज्यादा आगे नहीं जा रहे रवीश कुमार झा | पंचकूला raveesh.jha@dbcorp.in
शुक्रवार 25 मई की रात करीब 11 बजे सेक्टर-23 के डंपिंग ग्राउंड में आग लगी। 42 घंटे से ज्यादा हो गए हैं।फायर डिपार्टमेंट आग को बुझा नहीं पाया। नगर निगम भी कोई इंतजाम नहीं कर पा रहा। इस कारण डंपिंग ग्राउंड में लगी आग के धुएं के कारण सेक्टर-22, 23, 24, 25, 26, 27, 28 मोगीनंद पुलिस लाइन, नाडा गांव, श्री नाडा साहिब गुरुद्वारा में रहने वाले लोगों को सांस लेने में भी परेशानी हो रही है। लोग घरों में बंद होकर रह गए हैं। घर का दरवाजे और खिड़कियां भी खोल नहीं पा रहे हैं। घर में विंडो एसी लगा हुआ है वह एसी या कूलर नहीं चला पा रहे हैं। सुबह-शाम लोगों ने सैर करने में भी परेशानी आ रही है। रविवार सुबह हवा तेज होने के दौरान सेक्टर-4, 12, 12ए, 11, 14 सहित अन्य एरिया में डंपिंग ग्राउंड के धुएं का असर रहा।
निगम के कर्मचारी लगाते हैं आग: सेक्टर-25 के महेश शर्मा ने बताया कि डंपिंग ग्राउंड में वेस्ट मैटीरियल का लेवल ऊंचा होने की वजह से उस पर ट्राॅलियां या ट्रक नहीं जा पाते और बीच में फंसने लगते हैं। इससे बचने के लिए कर्मचारी ही डंपिंग ग्राउंड में आग लगा देते हैं ताकि जलने के बाद लेवल नीचा हो जाता है और फिर ट्राॅलियां व ट्रैक्टर आसानाी से वेस्ट डिस्पोज ऑफ कर पाते हैं। उन्होंने बताया कि गार्ड मौजूद होता है तो कर्मचारियों के अलावा कोई दूसरा आग लगा ही नहीं सकता।
डॉक्टर की राय: जनरल अस्पताल के चेस्ट स्पेशलिस्ट डॉ. राजेश राजू ने बताया कि डंपिंग ग्राउंड से निकलने वाला धुआं अन फिल्टर्ड है। इसमें डस्ट पार्टिकल्स भी हैं, जो कि काफी हानिकरक हैं। इसकी वजह से क्रोनिकल बीमारी ग्रस्त व्यक्ति, अस्थमैटिक, हार्ट के मरी, छोटे बच्चे या फिर 70-80 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को सांस लेने में परेशानी होगी।
इनको हो रही परेशानी
सेक्टर-22 में 500 लोग
सेक्टर-23 में 700 परिवार
सेक्टर-24 में 3 हजार परिवार
सेक्टर-24 में 3 हजार परिवार
सेक्टर-25 में 12 हजार परिवार
सेक्टर-26 में 11 हजार परिवार
सेक्टर-27 में 10 हजार परिवार
सेक्टर-28 में 8 हजार परिवार
मोगीनंद पुलिस लाइन में 3 हजार आबादी
आईटीबीपी में 3 हजार जवान
नाडा गांव में 300 परिवार
श्री नाडा सािहब गुरुद्वारे की संगत में 5 हजार
निगम ने डंपिंग ग्राउंड में मिट्‌टी की लेयर प्रॉपर तरीके से नहीं डलवाई: फायर ऑफिसर
फायर ऑफिसर शमशेर मलिका ने बताया कि वैसे तो यह 2 घंटे में बुझ जाना चाहिए थी, लेकिन हम दो दिन बितने के बाद भी नहीं बुझा पाए हैं। क्योंकि नगर निगम की की जिम्मेदारी होती है कि डंपिंग ग्राउंड में प्रॉपर तरीके से मिट्‌टी की लेयर डलवाए, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इस वजह से गाड़ियां फंस रही हैं और कुछ ऐसे भी जगह हैं जहां पर गाड़ियां नहीं पहुंच पा रही हैं। अब तक करीब 70 से ज्यादा फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भेजी जा चुकी हैं और फिर आग पर काबू नहीं पाया जा सका है।
मिट्‌टी को सही तरीके से डलवाएंगे- ईओ, नगर निगम
नगर निगम के ईओ जरनैल सिंह ने बताया कि डंपिंग ग्राउंड में मिट्‌टी डाली जा रही है। शनिवार को करीब दो घंटे तक मैं रहा और मैने मिट्‌टी डलवाई है। डंपिंग ग्राउंड में वेस्टेज के निचले लेवल में मिथेन गैस निकलती है और उस पर कंट्रोल करना मुश्किल होता है। गर्मी ज्यादा होने की वजह से उसमें खुद ही आग पकड़ता है। रविवार की शाम तक आग पर काबू पा लिया जाएगा। मिट्‌टी को सही तरीके से फैलाया जाए इसे भी सुनिश्चित किया जाएगा।
केंद्र व राज्य सरकार को भी बताए हालात...
श्रीनिवास शर्मा ने बताया कि पिछले तीन दिनों से डंपिंग ग्राउंड से आ रही जहरीला धुआं आ रहा है। 26 मई को धुआं ज्यादा फैलने के बाद मैने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व एनजीटी को ट्वीट कर शहर के हालात बताए ताकि उनकी ओर से पंचकूला का कोई सुध लिया जा सके। हैरानी की बात यह है कि सरकार का कोई नुमाइंदा तो दूर यहां के प्रशासनिक अफसरों में से भी कोई यहां के हालात जानने नहीं पहुंचा।
डायबिटिज सहित कई बीमारियां, बदबूदार धुएं के कारण सांस लेने में हो रही दिक्कत
स्वर्ण मेहता एंक्जाइटी, ब्लड प्रेश, डायबिटिज सहित कई बीमारियों से पीड़ित हैं। सांस लेने में दिक्कत आ रही है। उन्होंने कहा कि एक या दो दिन में अगर सब कुछ ठीक नहीं हुआ तो अपने दूसरे बेटे के पास सेक्टर 20 में चली जाएंंगी।
मेरी इंटेस्टाइन की सर्जरी हुई थी, एसी बंदकर घर में कैद रहना पड़ रहा... हरियाणा वुमन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट डिपार्टमेंट से रिटायर्ड सुपरिंटेंडेंट ने महेश शर्मा ने बताया कि उनकी कुछ दिन पहले इंटेस्टाइन की सर्जरी हुई है। धुएं की वजह से हालात ये बन चुके हैं कि एसी भी नहीं चला पा रहे। एसी से धुआं घर के अंदर आ रहा है।
आए दिन आग लगने से उठने वाले धुएं से परेशान होना पड़ रहा... संजय मेहता ने बताया कि ज्यादा वेस्ट इकट्ठा होने पर िनगम की ट्राॅलियां ऊंचे टीले पर नहीं पहुंच पाता। ऐसे में उसकी ऊंचाई को कम करने के लिए उसमें आग लगा दी जाती है ताकि जलने के बाद उसका लेवल नीचे बैठ जाए और परेशानी का सामना आम लोगों को करना पड़ता है।
अस्थमैटिक हूं और दो दिन से सैर करना तक बंद किया है... भारती शर्मा ने बताया कि वह अस्थमैटिक हैं। वह 26 मई की सुबह 5 बजे सैर करने के लिए जैसे ही घर से बाहर निकलीं कि उनका दम घुटने लगा और सांस लेने में प्रॉब्लम आने लगी। कुछ और भी महिलाएं थीं और सभी स्मोक की वजह से अपने-अपने घर चली गईं। अफसर चाहते तो 50 घंटे से लगी हुई है उसे कुछ घंटों में बुझा दिया गया होता।

 
Have something to say? Post your comment
 
More Haryana News
22 को पुलिस आडिटोरियम में होगा नुपूर 2019 का आयोजन 7 किलो 320 ग्राम डोडा पोस्त सहित युवक काबू
औरत का सम्मान करें - डा. केपी सिंह
सभी ग्राम पंचायतें परिवार पहचान पत्र बनवाने में करें प्रशासन का सहयोग, इन पहचान पत्रों के माध्यम से होगा योजनाओं का निर्धारण-अतिरिक्त उपायुक्त 23 जनवरी को बावल में राव इन्द्रजीत सिंह करेगें राव तुलाराम पार्क का उद्घाटन- मंत्री TRIBUNE EDIT-Selection of DGPs And now to make the police citizen-friendly FARMERS-हर साल प्रति हेक्टेयर मिलेंगे "15,000 ! गुजरात-85 लाख करोड़ रुपए निवेश के समझौते हुए। लेकिन वास्तविक निवेश कितना हुआ यह साफ नहीं है। AMBALA-एक ही परिवार के छह सदस्यों को स्वाइन फ्लू HARYANA- अधिकारी दबाए रहते हैं फाइल, 19 करोड़ में से डी-प्लान के 4 करोड़ रुपए ही हुए खर्च कमेटी की एक भी मीटिंग नहीं हुई, विधायक भेजते हैं मनमर्जी के काम