Wednesday, October 24, 2018
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Haryana

ग्रामीण परिवेश में महिलाओं के आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने पर ही सही मायनों में समाज उन्नति के मार्ग पर अग्रसर होगा:धनखड़

May 27, 2018 03:34 PM
हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री ओम प्रकाश धनखड़ ने कहा कि ग्रामीण परिवेश में महिलाओं के आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने पर ही सही मायनों में समाज उन्नति के मार्ग पर अग्रसर होगा। यह तभी संभव हैएजब महिलाएं सरकारी व गैर सरकारी संस्थाओं द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगी । श्री ओम प्रकाश धनखड़ आज झज्जर में आयोजित समर्था कार्यक्रम में प्रशिक्षकों व प्रशिक्षुकों को संबोधित कर रहे थे। पंचायत मंत्री ने उम्मीद व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग के सहयोग से सामाजिक संस्था समर्था व सिंगर इंडिया द्वारा ग्रामीण परिवेश में शुरू किया गया समर्था कार्यक्रम महिलाओं का कौशल निखारकर उनको आर्थिक रूप से आत्म निर्भर बनाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी बेटियों में प्रतिभा की कमी नहीं है केवल उनको सही मार्ग दिखाने की जरूरत है और शिक्षा विभाग के सहयोग से समर्था व सिंगर इंडिया ने यह नेक कार्य शुरू किया है, इसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि समर्था एक नाम नहीं पहचान बने। उन्होंने ड्रेस डिजाइनिंग की चुनौतियों को स्वीकार करने का आहवान किया ताकि प्रशिक्षण उपरांत समर्था महिलाएं एक बड़े समर्था ब्रांड के रूप में उभरें। यही उनका सपना है कि हमारी होनहार बेटियां न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो बल्कि सिलाई-कढ़ाई व ड्रेस डिजाइनिंग के क्षेत्र में भी सफलता की नई बुलंदियां छुएं। उन्होंने कहा बड़ा काम करने के लिए सकारात्मकता के साथ मन को बड़ा बनाएं। पंचायत मंत्री श्री धनखड़ ने कहा कि समाज के सर्वागिंण उत्थान का लक्ष्य सभी के सकारात्मक सहयोग व भागीदारी से ही हासिल किया जा सकता है। उन्होने कहा कि शिक्षा विभाग के सहयोग से समर्था संस्था व सिंगर इंडिया जिला की महिलाओं को सिलाई व कढ़ाई के कार्य में दक्ष बना रही है। प्रथम चरण में जिला झज्जर के 36 केंद्रों पर सिलाई व कढ़ाई का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। जिसमें लगभग 1100 महिलाएं प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। ग्रामीण महिलाओं का कौशल विकास कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्म निर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। श्री धनखड़ ने कहा कि जब गांव की महिला आर्थिक रूप से आत्म निर्भर होकर चलेगी तब हम कह सकेंगे कि ग्रामीण परिवेश उन्नति के शिखर की ओर चल पड़ा है। उन्होंने समर्था के प्रशिक्षकों को प्रेरित करते हुए कहा कि आपकी मेहनत और हुनर की बदौलत ही महिलाओं का कौशल विकास होगा। इसलिए समर्पित भाव से इस कार्य को करने की जरूरत है। ट्रेनिंग में अपना बेहतर योगदान दें और प्रशिक्षुओं का बेहतर ढंग से कौशल निखारें।
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