Saturday, August 18, 2018
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Punjab

पंजाब ने दिखाया ‘आयुष्मान भारत’ योजना को ठेंगा

May 15, 2018 05:52 AM

COURSTEY DAINIK TRIBUNE MAY 15

पंजाब ने दिखाया ‘आयुष्मान भारत’ योजना को ठेंगा
ज्ञान ठाकुर/निस
शिमला, 14 मई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना को पंजाब ने ठेंगा दिखा दिया है। उत्तर भारत के 5 राज्यों हिमाचल, हरियाणा, उत्तराखंड, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ को आज इस योजना को अपने यहां लागू करने के लिए हस्ताक्षर करने थे। लेकिन पंजाब ने इस योजना के लिए आज शिमला में हस्ताक्षरित एमओयू पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म महेंद्रा हालांकि इस योजना को लागू करने के लिए आयोजित कार्यशाला में शिमला में मौजूद रहे लेकिन जैसे ही एमओयू पर हस्ताक्षर करने का वक्त आया तो ब्रह्म महेंद्रा एमओयू पर हस्ताक्षर किए बिना ही मंच छोड़कर चले गए। यहां तक कि उन्होंने हस्ताक्षर के बाद दोपहर के भोजन पर केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा का इंतजार भी नहीं किया।
ब्रह्म महेंद्र ने बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि पंजाब को इस योजना के कुछ प्रावधानों पर आपत्ति है जिसे पहले ही केंद्र को बता दिया गया था लेकिन हमारी चिंताओं को दूर नहीं किया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब सरकार ने हाल ही में अपना नया प्रधान सचिव स्वास्थ्य तैनात किया है। ऐसे में इस एमओयू पर हस्ताक्षर करने से पहले प्रधान सचिव को इस योजना के सभी प्रावधानों का अध्ययन करना है। उन्होंने कहा कि जब तक पंजाब द्वारा इस योजना के कुछ प्रावधानों को लेकर जताई गई सभी चिंताओं को दूर नहीं कर दिया जाता तब तक पंजाब इस योजना के एमओयू पर हस्ताक्षर नहीं करेगा।
उन्होंने कहा कि पंजाब को आयुष्मान भारत योजना के फंडिंग पैटर्न पर आपत्ति है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा इस योजना के लिए दी जा रही 60 प्रतिशत राशि पर पहले से ही सीलिंग दरें तय हैं जबकि राज्यों के 40 प्रतिशत हिस्से को खुला रखा गया है। ऐसे में इसमें गड़बड़ी की संभावना है। यही कारण है कि पंजाब ने फिलहाल इस योजना के एमओयू पर हस्ताक्षर न करने का निर्णय लिया है।
इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पी.एस. रावत, हिमाचल के स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने भी अपने विचार रखे।
हिमाचल ने किया समझौता
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा तथा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की उपस्थिति में केन्द्र सरकार की महत्वकांक्षी ‘आयुष्मान भारत योजना’ को कार्यान्वित करने के लिए आज शिमला में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अौर हिमाचल सरकार के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस वृहद व महत्वकांक्षी योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे लोगों को 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क स्वास्थ्य उपचार उपलब्ध करवाना है। इस महत्वकांक्षी योजना को लागू करने के लिए देशभर में इस प्रकार की पांच कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। योजना से देशभर के 10 करोड़ परिवार लाभान्वित होंगे और हिमाचल प्रदेश के गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे लगभग 15.31 लाख लोगों को निःशुल्क उपचार उपलब्ध होगा। स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने इस अवसर पर कहा कि देशभर के लोगों को उनके घरों के नजदीक बेहतर स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए देशभर में 20 एम्स खोले जा रहे हैं।
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेश सरकार की राज्य में प्रस्तावित मेडिकल विश्वविद्यालय खोलने के प्रयासों की भी सराहना की।
लोक सेवाओं में ईमानदार, कुशल अधिकारियों की जरूरत : जयराम
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने लोक सेवाओं में ईमानदार और कुशल अधिकारियों की जरूरत पर बल दिया है। मुख्यमंत्री आज शिमला में आयोजित लोक सेवा आयोगों के अध्यक्षों की स्थायी समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि समाज को बड़े पैमाने पर लोक सेवाओं में ईमानदार और कुशल अधिकारियों की आवश्यकता होती है। इस प्रकार, लोक सेवा आयोग द्वारा चुने हुए अधिकारियों को स्वयं को जनता की सेवा में समर्पित करना चाहिए। जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग अपनी प्रतिष्ठा और निष्पक्ष चयन के लिए जाने-माने सर्वश्रेष्ठ संस्थानों में से एक है। देशभर के लोक सेवा आयोगों की स्थायी समिति के अध्यक्ष प्रो. जी.चक्रपाणी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लोग मेहनती, ईमानदार एवं ईश्वर में आस्था रखने वाले हैं। हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) डी.वी.एस. राणा ने इस अवसर पर राज्य लोक सेवा आयोग के विभिन्न कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

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