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HARYANA-हरियाणा में तीन साल में दोगुना बढ़ा साइबर क्राइम , थाने केवल दो

May 14, 2018 04:42 AM

COURSTEY DAINIK BHASKAR MAY 14


एक्टर-क्रिकेटर से मिलिए और पैसा जीतें एेसे लिंक क्लिक करते ही पोर्न ग्रुप में पहुंच रहे

हरियाणा में तीन साल में दोगुना बढ़ा साइबर क्राइम , थाने केवल दो

 

पानीपत| हरियाणा में साइबर क्राइम बढ़ रहा है। तीन साल में यह दोगुना हो गया है। सरकार का इस ओर ज्यादा ध्यान नहीं है। प्रदेश में दो साइबर थाने गुड़गांव, पंचकूला में हैं। उनके पास भी वैसी तकनीक नहीं हैं, जो आधुनिक सोशल क्राइम को रोकने में सक्षम हों। तीसरा थाना फरीदाबाद में खुलेगा। इन थानों में जो केस हाल में आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। वाट्सएप ग्रुप से चाइल्ड पोर्नोग्राफी फैला रहे अपराधियों के खुलासे ने इसके दुरुपयोग का मामला सामने लाया है।
इंटरनेट के सर्च इंजनों पर निगरानी के चलते पोर्नोग्राफी इंडस्ट्री अब वाट्सएप की प्रोग्रामिंग से जुड़ी खामियों व नियमों की ढिलाई का फायदा उठा रही है। चोरी के मोबाइल डाटा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करने वाली चैट-बोट तकनीक से एक लैपटॉप से हजारों लोगों को वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने का लिंक भेजा जाता है। लिंक पर टच करते ही आप अनजान ग्रुप के सदस्य बन जाते हैं। इन ग्रुप और लुभावने लिंक का शिकार सबसे ज्यादा बच्चे हो रहे हैं। आज के समय में कम उम्र में ही बच्चे मोबाइल और उस पर इंटरनेट का प्रयोग कर रहे हैं। इसी का फायदा इस तरह के अपराधी किस्म के लोग उठाकर उनका भविष्य खराब करने में लगे हैं।
एक ही नंबर से बन जाते हैं अनगिनत वाट्सएप ग्रुप
केवल एक मोबाइल नंबर का उपयोग कर उसके जरिए अनगिनत वाट्सएप ग्रुप बनाए जाने पर कोई रोक नहीं है।
फेसबुक, वाट्सएप मैसेज के रूप में आने वाले लिंक से यह पता नहीं चलता कि यह किसी ग्रुप से जोड़ने वाला लिंक है।
इसे टच करते ही आप एक अनजान ग्रुप के सदस्य बन जाते हैं। यही नहीं, इस लिंक को बड़ी आसानी से किसी को फॉरवर्ड किया जा सकता है और इसे टच करते ही वह भी ग्रुप में जुड़ जाएगा।
ऐसे में जब मोबाइल नंबरों का डाटा चंद रुपयों में आसानी से उपलब्ध है, तो इस एप के दुरुपयोग का खतरा और बढ़ गया है।
5 साल में बढ़े आईटी एक्ट केस
वर्ष केस वर्ष केस
2013 123 2014 134
2015 199 2016 393
2017 400 2018 मार्च तक 113
तकनीकी कर्मियों की दरकार
साइबर थानों में तकनीकी स्टाफ की दरकार है। स्टाफ की मंजूरी मिल गई है। इसलिए मामले ट्रेस करने में दिक्कत आ रही है। साधनों की दरकार है। ऐसे एक्सपर्ट नियुक्त किए जाने हैं, जो साइबर अपराध को तुरंत पकड़ सकेंं।
ऐसे बचें: बंद रखें आटोमैटिक डाउनलोड
इससे बचने के लिए सेटिंग में जाकर सभी तरह के मीडिया आटोमैटिक डाउनलोड का ऑप्शन बंद कर दें, जब तक जाने पहचाने स्रोत से लिंक ना भेजा गया हो, तब तक फेसबुक मैसेंजर, वाट्सएप, हाईक जैसे मैसेंजर एप से आए किसी भी लिंक पर क्लिक ना करें।
एडमिन बदल फैला रहे जाल
पोर्नोग्राफी के ग्रुप लगातार एडमिन बदल-बदल कर नए ग्रुप क्रिएट कर रहे हैं। इसके लिए कई शहरों की साइबर सेल टीम और क्राइम ब्रांच को भी अलर्ट किया गया है। वहीं ऐसे ग्रुप पर नजर रखी जा रही है, जो चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़े फोटो और वीडियो शेयर कर रहे हैं।
शेयर करने से बचें
बच्चों के अश्लील वीडियो शेयर करने के मामले में आईटी एक्ट में कठोर सजा के प्रावधान हैं। धारा 67 बी के तहत कोई भी बच्चों से जुड़े अश्लील चित्र, साहित्य, सामग्री या फिर वीडियो देखता, सर्च करता या फिर किसी को भेजता है तो वह आरोपी बन सकता है। इस तरह के वीडियो शेयर करने के बजाय डिलीट कर दें। भेजने वाले को भी अलर्ट करें। अन्यथा शिकायत मिलने पर सख्त एक्शन लिया जाएगा।
एप एड्रेस को गूगल पर लिंक में बदल सकते
जब किसी को ग्रुप में जोड़ने के लिए लिंक भेजा जाता है तो उसका एड्रेस काफी बड़ा होता है। ध्यान से देखने पर समझ आ जाता है कि ये वाट्सएप से जुड़ा कोई मैसेज है। किसी भी ग्रुप के एड्रेस को गूगल का उपयोग कर उसे टिनी-लिंक में बदला जाता है। लिंक के साथ आकर्षक मैसेज लिखा होता है, जैसे एक क्लिक कर रितिक रोशन या क्रिकेटर से मिलें, क्लिक कर जीतें 500 रुपए। टच करते ही आप ग्रुप से जुड़ जाते हैं। अगर आटोमैटिक डाउनलोड का ऑप्शन बंद नहीं किया तो ग्रुप में भेजी सारी सामग्री अपने आप आपके फोन में सेव हो जाएगी।
सभी जिलों में बनेंगे सेल
हरियाणा में दो साइबर थाने बने है। जल्द ही तकनीकी स्टाफ भर्ती होगा। सभी जिलों में साइबर सैल बनाए गए हैं। -पीके अग्रवाल, एडीजीपी क्राइम

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