Tuesday, October 16, 2018
Follow us on
Haryana

HARYANA-घंटों बिजली कट, योजना से नाराज ग्रामीण विधायक और मंत्री ही कर रहे पैतृक गांवों से मीटर बाहर निकालने का विरोध

May 07, 2018 06:01 AM

COURSTEY DAINIK BHASKAR MAY 6

सरकार का दावा 3 साल में 1811 गांवों को जगमग करके दे रहे 24 घंटे बिजली

 

भास्कर टीम | हरियाणा/पानीपत
सरकार ने 2015 में म्हारा गांव जगमग गांव योजना शुरू की थी। इसमें वादा किया था कि जिस गांव में सभी मीटर घरों के बाहर लगेंगे और लाइन लॉस कम हो जाएगा, वहां 24 घंटे बिजली दी जाएगी। योजना को चलते हुए तीन साल का समय बीत चुका है। सरकार दावा कर रही है कि उन्होंने प्रदेश के 1811 गांवों को जगमग कर दिया है।
जमीनी हकीकत कुछ अलग है। इनमें से नाममात्र गांव ही पूरी तरह जगमग हो पाए हैं, शेष में घंटोंं कट लग रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि झूठ बोलकर सरकार ने हमारे मीटर तो बाहर निकलवा दिए, लेकिन 24 घंटे बिजली देने का अपना वादा पूरा नहीं किया है। पहले की तरह अब भी घंटों कट लगते हैं और दिन में तो बिजली की परेशानी सबसे ज्यादा रहती है।
वहीं मामले में निकल कर आ रहा है कि विधायक और मंत्री भी नहीं चाहते कि सरकार की यह योजना सफल हो, इसलिए नीचे-नीचे इसका विरोध कर रहे हैं।
भाजपा सरकार ने प्रदेश में ग्रामीणों को 24 घंटे बिजली देने के लिए म्हारा गांव जगमग गांव योजना शुरू की थी। इसमें पेंच यही है कि खुद सरकार के विधायक और मंत्री ही इस योजना को सफल नहीं होने दे रहे हैं। इसलिए उनके पैतृक गांव ही जगमग नहीं हो पाए।
रिपोर्ट : राजेश खोखर, इनपुट: हिसार राजेश सैणी, कैथल प्रदीप ढुल, यमुनानगर अवनीश कुमार, सिरसा कुलदीप शर्मा, फतेहाबाद संजय आहूजा, दादरी सुखदीप चाहर, सोनीपत बृजेश तिवारी।
2015 में सरकार ने शुरू की थी म्हारा गांव जगमग गांव योजना, मीटर बाहर निकालने पर 24 घंटे बिजली देने का था वादा
विधायक और मंत्री ही कर रहे पैतृक गांवों से मीटर बाहर निकालने का विरोध
20%
गावों में ही मिल रही योजना अनुसार बिजली
1811गांवों को शहरी तर्ज पर 24 घंटे बिजली दी जा रही हरियाणा में।
400फीडरों मेंे आने वाले सभी गांवों में योजना के तहत इसे लागू किया गया है।
विधायक और मंत्री सफल नहीं होने दे रहे योजना
पड़ताल में सामने आया है कि योजना में जिन विधायकों, मंत्रियों के पैतृक गांव शामिल थे। वहां ग्रामीणों ने मीटर बाहर निकालने का विरोध किया। इस पर विधायकों ने भी अफसरों के समर्थन की बजाए वोट के खेल में मीटर बाहर नहीं निकलने दिए।
सरकारी दावा
मीटर बाहर निकाले फिर भी लग रहे घंटों कट मुख्यमंत्री के गांव को भी 24 घंटे बिजली नहीं
प्रदेश के पांच जिलों पंचकूला, अम्बाला, गुड़गांव, फरीदाबाद और सिरसा में सभी ग्रामीण फीडरों पर शहरों की तर्ज पर बिजली मिल रही है।
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा 122 फीडरों के अंतर्गत 876 गांवों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है।
पानीपत में समालखा के विधायक रविन्द्र मच्छरौली का गांव मच्छरौली इसमें शामिल हुआ, लेकिन मीटर बाहर नहीं निकाल पाने के कारण अटका हुआ है।
पानीपत के ग्रामीण विधायक महिपाल ढांडा का पैतृक गांव कवि जिसमें कई बार अधिकारी मीटर बाहर निकालने के लिए गए, लेकिन हर बार विरोध का सामना करना पड़ा।
इसी तरह परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार के गांव मतलौडा में भी मीटर बाहर नहीं निकले हैं और 24 घंटे बिजली नहीं मिल रही।
विधायक घनश्याम दास अरोड़ा का गांव करेहडा, यह गांव अभी जगमग योजना में शामिल हो रखा है, लेकिन मीटर अभी तक बाहर नहीं निकले हैं।
खाद्य आपूर्ति मंत्री कर्ण देव कांबोज का गांव मंधार, जहां कुछ घरों के मीटर बाहर लगे हैं, तो कुछ के अभी अंदर लगे हैं।
वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के गांव खांडाखेड़ी में मीटर बाहर लगाने गई टीम का ग्रामीणों ने विरोध किया और काम बीच में रुकवा दिया। बिजली निगम के प्रयास के बावजूद मीटर बाहर नहीं हो पाए। गांव खांडा खेड़ी में बिजली निगम का 50 करोड़ से अधिक का बिल बकाया है। नारनौंद सब डिवीजन में अकेला खांडा खेड़ी ऐसा गांव नहीं है। इलाके के 29 गांवों पर करीब 306 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है।
गांव आंवल पूर्व राज्यसभा सांसद शादीलाल बतरा ने गोद लिया था। लेकिन अभी तक जगमग नहीं हुआ है और 24 घंटे बिजली नहीं मिल रही।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के पैतृक गांव बनियानी में 80 फीसदी घरों के बाहर ही मीटर बाहर लग सके हैं। गांव से अब भी 53 फीसदी लाइन लॉस है।
...और जमीनी हकीकत यह है
ग्राउंड रिपोर्ट
घंटों बिजली कट, योजना से नाराज ग्रामीण
घंटों बिजली कट, योजना से नाराज ग्रामीण
कैटेगिरी अनुसार बिजली सप्लाई
जगमग योजना में जो 1811 गांव कवर हुए हैं। उन सभी में 24 घंटे बिजली नहीं दी जा रही है। गांव अनुसार कैटेगिरी बनाई है, जिसमें 15 से 22 घंटे तक बिजली दे रहे हैं। जिन गांवों में मीटर बाहर निकालने का विरोध हो रहा है। उनकी बिजली ज्यादा कट रही है। योजना स्वेच्छिक है, सहयोग करने वालों को ही लाभ मिलेगा। -पीके दास, एसीएस, बिजली निगम
मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पैतृक गांव बनियानी में भी केवल 15 घंटे बिजली दी जा रही है।
चरखी दादरी में गांव घिकाड़ा में लोग योजना से नाराज हैं। 12-13 घंटे ही गांवों में बिजली मिल रही है। गांव सांजरवास के सरपंच योजना को बंद करने के पक्ष में हैं।
टोहाना में 30 गांवों को योजना के तहत जोड़ा है, जिसमें अभी तक 11 ही गांवों में काम पूरा हुआ है। यहां भी लंबे बिजली कट लग रहे हैं, केवल वोल्टेज में सुधार हुआ है।
भटटूकलां में म्हारा गांव जगमग योजना के तहत 13 गांव शामिल हैं। सभी गांवों में दिन के समय बिजली बंद है। रामसरा गांव के सरपंच प्रतिनिधि रमेश कुमार ने बताया कि 13 घंटे मिलने वाली सप्लाई में भी अनेक लंबे कट लगते हंै।
खरक गांव की चार पंचायतें हैं। गांव में दिन में एक घंटा व रात को सात या आठ घंटे ही बिजली सप्लाई की जाती है।
हलका पुंडरी के विधायक प्रो. दिनेश कौशिक के गांव फतेहपुर में जगमग योजना के तहत ग्रामीणों के विरोध के बावजूद मीटर घरों से बाहर लगा दिए। बिजली 16 घंटे मिल रही है।
मुलाना के ग्रामीण क्षेत्र में जहां बिजली के कटों की भरमार है। बिजली सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बंद रहती है, वहीं रात में भी लंबे लंबे कट लगाए जा रहे हैं।
हिसार जिले के 41 फीडरों के 108 गांवों को शामिल किया गया था। मीटर बाहर निकल चुके हैं, लेकिन 24 घंटे बिजली के नाम पर अब भी लंबे कट लगते हैं।
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सांघी गांव में दोपहर एक बजे से ढाई बजे और शाम छह बजे से दूसरे दिन सुबह 6 बजे तक बिजली सप्लाई की जाती है।
महम उपमंडल में सिर्फ 10 घंटे बिजली मिल रही है। हलके का गांव मदीना कांग्रेस के विधायक आनंद सिंह दांगी का पैतृक गांव है, वहां भी यही स्थिति है।

Have something to say? Post your comment