Sunday, November 18, 2018
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Haryana

बैंक ऋण के ब्याज को तब तक राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा:मनोहर लाल

May 05, 2018 05:46 PM
हरियाणा में दीन दयाल उपाध्याय- राष्टï्रीय ग्रामीण अजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत स्थापित स्वयं सहायता समूहों की महिला सदस्यों को एक बड़ी राहत देते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने घोषणा की कि ऐसे स्वयं सहायता समूहों द्वारा लिए गए बैंक ऋण के ब्याज को तब तक राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा, जब तक समूह के प्रत्येक सदस्य की आय एक लाख रुपये प्रतिवर्ष तक नहीं पहुंच जाती। उन्होंने यह भी घोषणा की कि पहला, दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले प्रत्येक जिले से तीन स्वयं सहायता समूहों को प्रतिवर्ष उनकी आय के आधार पर एक लाख रुपये, 50 हजार रुपये और 25 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ये घोषणाएं आज से ही लागू हो जाएंगी।
श्री मनोहर लाल आज यहां निकट पंचकूला में हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा आयोजित आजीविका एवं कौशल विकास दिवस के राज्य स्तरीय समारोह को सम्बोधित कर रहे थे।
जन्म दिवस पर बधाई दिए जाने के लिए मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आजीविका एवं कौशल विकास गांवों के व्यवस्थित विकास के लिए देश में लागू ग्राम स्वराज योजना का एक हिस्सा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 14 अप्रैल को डॉ. बी.आर.अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर ग्राम स्वराज अभियान का शुभारंभ किया। इस अवधि के दौरान, लोगों को केंद्र और राज्य सरकारों की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देने के लिए जिला, खंड और तहसील स्तर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इन योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ उठा सकेंगे।
उन्होंने कहा कि अवसंरचना विकास के अतिरिक्त राज्य सरकार ने लोगों के बौद्घिक विकास के लिए भी प्रयास किए हैं ताकि वे आत्म निर्भर बन सकें और अपने परिवार की सभी जरूरतों को पूरा कर सकें। यह बड़े गर्व की बात है कि प्रदेश के लाखों परिवार स्वयं सहायता समूहों के साथ कार्य कर रहें हैं और उन्होंने इसे अपनी आजीविका का हिस्सा बनाया है। उन्होंने कहा कि रोजगार प्राप्त करने के लिए केवल डिग्री प्राप्त करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि कौशल विकास का होना भी आवश्यक है। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने कौशल विकास मिशन की स्थापना की है और एक कौशल विश्वविद्यालय भी स्थापित किया है जो अपनी किस्म का पहला विश्वविद्यालय है। विश्वविद्यालय द्वारा युवाओं के कौशल सुधार के लिए अनेक पाठ्यक्रम चलाए जा रहे हैं ताकि उन्हें रोजगार के योग्य बनाया जा सके।
स्वयं सहायता समूहों को राज्य सरकार की हर संभव सहायता और सहयोग देने का विश्वास दिलाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने समय पर ऋण की अदायगी करने वाले उन स्वयं सहायता समूहों के ऋण का ब्याज माफ किया हैं। 
इससे पूर्व विकास एवं पंचायत मंत्री श्री ओ पी धनखड़ ने कहा कि इस समय स्वयं सहायता समूह 130 करोड़ रुपये का कारोबार कर रहे हैं और इसे बढ़ाकर 5 हजार करोड़ रुपये का कारोबार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बाजार की बदलती मांगों को ध्यान में रखते हुए नए कौशल सिखने के लिए स्वयं सहायता समूहों का आह्वïान भी किया। उन्होंने उत्पादन के अतिरिक्त उत्पादों के विपणन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि राष्टï्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित उत्पादों के ब्रांड को पंजीकृत करवाया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त प्रदेश में और अधिक क्राफ्ट मेलों का आयोजन किया जाए ताकि वे अपने अधिकतम उत्पादों का विपणन कर सकें।
विकास एवं पंचायत विभाग के प्रधान सचिव श्री सुधीर राजपाल ने कहा कि राष्टï्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य लोगों के कौशल विकास को सुनिश्चित करना है ताकि वे आत्म निर्भर बन सकें या अपना उद्यम शुरू कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 15 हजार महिला स्वयं सहायता समूह हैं और हमारा उद्देश्य उन्हें उद्यमी बनाना है।
इस अवसर पर हरियाणा विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कुलपति श्री राज नेहरू ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर विधायक श्री ज्ञानचंद गुप्ता और श्रीमती लतिका शर्मा, उपायुक्त पंचकूला, श्री मुकुल कुमार और जिला प्रशासन के अन्य वरिष्ठï अधिकारी भी उपस्थित थे।
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