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Haryana

आज के हरियाणा की तुलना करें तो दुनिया के टॉप पांच में चार प्रदूषित शहर हमारे

May 03, 2018 07:00 AM

COURSTEY DAINIK BHASKAR MAY 3

डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट
रिपाेर्ट से चार गुना अधिक खराब है हरियाणा के शहरों की हवा
आज के हरियाणा की तुलना करें तो दुनिया के टॉप पांच में चार प्रदूषित शहर हमारे
भास्कर न्यूज | पानीपत
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 2016 आकड़ों के आधार पर दुनिया के सबसे 15 प्रदूषित शहरों की सूची जारी है। इनमें भारत के 14 हैं अौर हरियाणा के भी फरीदाबाद और गुरुग्राम शामिल हैं। लिस्ट में टॉप पर कानपुर है और फरीदाबाद दूसरे स्थान पर है।
डब्ल्यूएचओ के डेटाबेस से पता चलता है कि 2010 से 2014 के बीच में दिल्ली के प्रदूषण स्तर में मामूली बेहतरी हुई है, लेकिन 2015 से फिर हालत बिगड़ने लगी है। यह सूची वर्ष 2016 के पीएम 2.5 के डाटा पर आधारित है। लेकिन इसकी तुलना अगर अप्रैल 2018 में हरियाणा के विभिन्न शहरों में पीएम 2.5 डाटा से तुलना की जाए तो इस सूची में टॉप पर हरियाणा के पांच शहरों के नाम आते। अप्रैल में किसी एक दिन में अधिकतम की बात करें तो रोहतक में पीएम 2.5 सबसे ज्यादा रहा। वहीं ओवरआल में फरीदाबाद सबसे आगे है।
देश के सबसे प्रदूषित 15 शहरों की सूची में हरियाणा के फरीदाबाद और गुड़गांव भी शािमल
पानीपत, रोहतक और हिसार की िस्थति गंभीर
अप्रैल 2018 में पीएम 2.5 की औसत डाटा पर भी बात करें तो हरियाणा के चार शहर टॉप 5 में हाेते। डब्ल्यूएचओ की सूची में टॉप पर काबिज कानपुर का 172 पीएम 2.5 है। जबकि अप्रैल 2018 में फरीदाबाद का 190 और गुड़गांव का 178 औसत पीएम 2.5 रहा यानी ये टॉप में पहले और दूसरे नंबर होते। वहीं सूची में तीसरे नंबर पर वाराणसी का 151 पीएम 2.5 रहा। जबकि हाल ही स्थिति के आधार पर हरियाणा के शहर पानीपत, हिसार और रोहतक पीएम 2.5 में इससे आगे हैं।
फसल अवशेष और फैक्ट्रियों का धुंआ प्रमुख कारण
प्रदूषण के मामले में हरियाणा देश के अन्य शहरों में जहां सबसे आगे की तरफ खड़ा दिख रहा है। इसके प्रमुख कारण फसल और फैक्ट्रियां हैं। अप्रैल 2018 में गेहूं का सीजन था और इस दौरान हजारों एकड़ फसल बिजली और अन्य कारणों से जल गई। वहीं अवशेष जलने के भी काफी मामले सामने आए हैं। जिसके धुंए से हवा में पीएम 2.5 बढ़ा है। वहीं हरियाणा के शहर फरीदाबाद और पानीपत में फैक्ट्रियां काफी ज्यादा हैं जहां घटिया स्तर का ईंधन प्रयोग होता है और इसका धुआं भी एक अहम कारण है।
हर आदमी का सहयोग जरूरी : एक्सपर्ट
पर्यावरण मामलों के एक्सपर्ट डॉ राजेन्द्र सिंह ने बताया कि हर 10 में से 9 लोग काफी प्रदूषित हवा में सांस लेते हैं। हर साल घर के बाहर और घरेलू वायु प्रदूषण के कारण दुनिया भर में 70 लाख लोगों की मौत होती है। अकेले बाहरी प्रदूषण से 2016 में मरने वाले लोगों की संख्या 42 लाख के करीब थी, जबकि घरेलू वायु प्रदूषणों से मौतों की संख्या 38 लाख है। पिछले कुछ सालों में हरियाणा का प्रदूषण स्तर काफी बढ़ा है। यह सूची तो पुराने डाटा पर आधारित है। अगर नए डाटा पर आधारित होती तो स्थिति और खराब होती। इसे सुधारने में हर आदमी को सहयोग जरूरी है।
डब्ल्यूएचओ की सूची में ये है स्थिति
स्थान शहर का नाम पीएम 2.5
पहला कानपुर 173
दूसरा फरीदाबाद 172
छठा दिल्ली 143
ग्यारहवां गुड़गांव 113
अप्रैल 2018 में प्रदेश की स्थिति
शहर पीएम 2.5 औसत अधिकतम
रोहतक 160 205.83
पंचकूला 50 62.31
गुड़गांव 178 186.79
फरीदाबाद 190 201.20
पानीपत 165 180.24
हिसार 155 162.04

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