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HARYANA CASH FOR JOB SCAM-सेक्रेटरी ने पूछे थे चार उम्मीदवारों के नंबर

April 11, 2018 06:25 AM

COURSTEY DAINIK JAGRAN APRIL 11

सेक्रेटरी ने पूछे थे चार उम्मीदवारों के नंबर


राजेश मलकानियां’ पंचकूला1हरियाणा राज्य कर्मचारी चयन आयोग भर्ती घोटाले में गिरफ्तार अनिल कुमार का किसी सेक्रेटरी से सीधा कनेक्शन है। अनिल को आयोग के लैंडलाइन नंबर 0172-2586501 से फोन कर किसी सेक्रेटरी साहब ने चार उम्मीदवारों के इंटरव्यू के सीरियल नंबर पता किए थे। सेक्रेटरी का नाम पहले भी उछला था, जिसमें एक आरोपित ने फोन पर भर्ती के लिए साढ़े 6 लाख की डिमांड की थी तो फोन करने वाले ने कहा था कि सेक्रेटरी से बात करके रिश्वत पांच लाख करवा लेंगे। 1मंगलवार को पंचकूला पुलिस द्वारा भर्ती घोटाले में गिरफ्तार आठ आरोपितों को अधीक्षक सुभाष पराशर, सहायक रोहताश शर्मा, सुखविन्द्र सिंह, अनिल कुमार, आइटी सेल में अनुबंध कर्मचारी पुनीत सैनी, धर्मेन्द्र, लिपिक हुडा विभाग बलवान सिंह और सहायक सिंचाई विभाग सुरेन्द्र कुमार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से सात आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं अनिल शर्मा निवासी गांव आहुलाना जिला सोनीपत को दोबारा तीन दिन के रिमांड पर भेजने की याचिका दी। बचाव पक्ष के वकील समीर सेठी ने इसका विरोध किया। इसके बाद उसे दो दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया गया।1सुभाष की गिरफ्तारी पर सवाल : कोर्ट में एक याचिका लगाकर एडवोकेट समीर सेठी ने कहा कि आयोग के कार्यालय में सुभाष नाम के तीन कर्मचारी काम करते हैं। पुलिस द्वारा जिस सुभाष का फोन टेप किया गया, पुलिस उसकी बजाय सीक्रेट ब्रांच में तैनात सुभाष को गिरफ्तार करके ले आई। पुलिस के पास उसके मोबाइल नंबर की कोई टेैपिंग भी नहीं है। इस पर कोर्ट में एसीपी आदर्शदीप ने माना कि यह मोबाइल नंबर गिरफ्तार सुभाष का नहीं है, लेकिन वह सीक्रेट ब्रांच का इंचार्ज था। उसकी नाक के तले रोहताश एवं सुखविंद्र द्वारा डाटा लीक किया जा रहा था। जांच में उसका रोल सामने आया है, इसलिए उसे गिरफ्तार किया गया है। सीएम फ्लाइंग के एसीपी धीरज सेतिया ने कहा कि जिस सुभाष का नंबर टेप किया गया है, उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा।1आरोपितों से पांच लाख रुपये रिकवर :सोनीपत निवासी रमेशचन्द्र ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया है कि उसने अपने रिश्तेदार को ड्राइवर की नोकरी लगवाने के लिए 2 लाख रुपये दिए थे। वहीं चंडीगढ़ निवासी जयवीर ने अपने रिश्तेदार को क्लर्क लगवाने के लिए 4 लाख रुपये दिए थे। इसके अलावा किशोरलाल की एसए व स्टाफ नर्स के दोनों पदों पर नौकरी लगवाने की बातचीत चल रही थी। इन दोनों पदों के लिए साढ़े 7 लाख रुपये में डील हुई थी। पेमेंट देने से पहले ही आरोपित पकड़े गए। पुलिस अब तक आरोपितों से 22 लाख रुपये में से पांच लाख रुपये रिकवर कर चुकी है।

 

 
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