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Haryana

एचएसएससी में भ्रष्टाचार के बड़े खुलासे

April 11, 2018 05:17 AM

COURSTEY DAINIK BHASKAR APRIL 

एचएसएससी में भ्रष्टाचार के बड़े खुलासे

भास्कर न्यूज | पंचकूला

हरियाणा स्टाफ सलेक्शन कमीशन (एचएसएससी) में पिछले डेढ़ माह के दौरान हरियाणा के 22 लोगों से नौकरियों के नाम पर डीलिंग की गई थी। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम को अब गवाह मिल गए हैं। पूरे हरियाणा में 20 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की गई। इसके बाद तीन ऐसे लोग सामने आए हैं, जिनसे नौकरी के लिए लाखों रुपए लिए गए। एसआईटी ने पंचकूला कोर्ट में मंगलवार को इन तीन लोगों के एफिडेविट फाइल कर गवाह बनाकर 164 के बयान भी दर्ज करवाए हैं। इन गवाहों ने बताया कि कैसे उन्हें फांस कर ठगा गया।
तीनों ही गवाहों ने आरोपी अनिल के खिलाफ बयान दिए हैं, जो इस गिरोह का सबसे अहम हिस्सा है। अनिल सीक्रेट ब्रांच में तैनात था। उसके पास वो सारा रिकॉर्ड होता था, जो किसी को पता भी न हो। वह यहां से अन्य आरोपियों के साथ मिलकर ही गिरोह को चलाता था। सीएम फ्लाइंग स्क्वायड के एसपी धीरज सेतिया ने बताया कि हमारी टीम काम पर लगी हुई हैं। अनिल को अभी दो और दिन के रिमांड पर लिया गया है। उससे लाखों रुपए की रिकवरी की जानी हैं। तीन लोगों की कोर्ट में गवाही कराई है। उन्हें गवाह बनाया गया है।
गवाहों ने एसआईटी को दिए सबूत
चंडीगढ़ सेक्टर-49डी में रहने वाले शख्स ने बताया कि उसके भाई ने कई बार नौकरी के लिए पेपर दिए, लेकिन वह पास नहीं हुआ। वो बहुत मायूस रहने लगा था। इसके बाद उसके भाई ने इस बार भी हरियाणा में क्लर्क की भर्ती में हिस्सा लिया। उसे डर था कि कहीं इस बार भी ऐसा ही हुआ तो वो और ज्यादा मायूस हो जाएगा। ऐसे में उसने एक जानकार से बात की तो उसे अनिल के बारे में पता चला। अनिल से मिलकर भाई का रोल नंबर सहित बाकी डिटेल दी। फरवरी में बातचीत हुई थी, क्योंकि पेपर का रिजल्ट पता चल गया था, जिसमें नंबर सही थे। उसके बाद भी डर था कि कहीं रह न जाए। अनिल ने सारी जानकारी लेने के बाद कहा था कि काम हो जाएगा। 15 मार्च को रिजल्ट अाया और भाई सलेक्ट हो गया। इसके बाद ही अनिल ने बार-बार कॉल करना शुरू कर दिया। वो 4 लाख रुपए की डिमांड कर रहा था। अनिल ने कई बार कॉल किए, लेकिन उसके पास रुपए ही नहीं थे। ऐसे में ब्याज पर दो लाख रुपए उठाए। अपनी पत्नी के गहनों को गिरवी रखा। इसके बाद वह आज तक ब्याज ही भर रहा है।
1.
अारोपियों को कोर्ट मे पेशी पर ले जाती पुलिस।
गोहाना के रहने वाले इस गवाह के भतीजे ने ड्राइवर की पोस्ट के लिए टेस्ट दिया। सब कुछ क्लियर था और इंटरव्यू होना बाकी थी। एचएसएससी में तैनात अनिल कुमार उसका पड़ोसी है। इसलिए वो एक दिन यहां गांव में मिला। अनिल कुमार ने कहा काम हो जाएगा। अभी बात नहीं करेंगे, जब मौका आएगा तो बुला लूंगा। अनिल ने 25 फरवरी को रुपए लेकर उसे आने के लिए कहा। साढ़े तीन लाख रुपए में डील हुई थी तो उसने जीरकपुर में अनिल को दो लाख थमाए। वहीं बाकी रुपए को उधार बताया गया। इसके बाद से अभी तक अनिल कई बार रुपए के लिए कॉल कर चुका है।
2.
तीसरा मामला सिरसा का है। इसमें अनिल कुमार ने ही सारी डील की थी। सिरसा के रहने वाले व्यक्ति के परिवार में दो लोगों ने एसए और स्टाफ नर्स की पोस्ट के लिए पेपर दिया और वो मेरिट पर भी थे। अभी इंटरव्यू होना बाकी था। उसी दौरान अनिल से इन लोगों की बात होने लगी। अनिल से साढ़े सात लाख रुपए में डील तय हुई। इसके लिए रोजाना ही कॉल आ रहे थे, लेकिन इसी बीच ये आरोपी पकड़े गए।
3.
ठगी का ऐसे पता चला
असल में हुआ यूं कि इन लोगों ने जो पेपर और इंटरव्यू दिए उसके नंबरों को देखने के लिए स्टाफ सलेक्शन कमीशन की साइट पर ऑप्शन होता है। इसमें एक कोड और की दी जाती है। इन लोगों ने भी ऐसा ही किया। रुपए देने की डीलिंग से पहले और बाद के नंबरों में कोई भी बदलाव नहीं हुआ। यानी ऐसे में बिना किसी काम के रुपए ठगे गए। ऐसे में पंचकूला में केस दर्ज होने और उसके बाद एसआईटी की कॉल आने के बाद इनसे बात की गई। पुलिस की बात सुनने के बाद ये गवाह बनने को तैयार हो गए। पुलिस ने इन्हें आरोपी इसलिए नहीं बनाया है, क्योंकि इनके कैंडीडेट्स के नंबरों में अनिल कुमार या अन्य किसी भी आरोपी ने कोई बदलाव नहीं किया। इन्हें धोखा देकर ठगा है।
पांच लाख रुपए बरामद, 7 आरोपी भेजे अम्बाला जेल
सभी आठ आरोपियों को मंगलवार को पंचकूला कोर्ट में पेश किया गया, जहां एसआईटी ने सात आरोपियों के रिमांड की डिमांड नहीं की। उन्हें न्यायिक हिरासत में अंबाला जेल भेज दिया गया। एक आरोपी अनिल कुमार को पूछताछ के लिए दो दिन के रिमांड पर लिया है। एसआईटी ने सभी आरोपियों से 4 लाख 90 हजार रुपए, 3 कंप्यूटर, मोबाइल्स की रिकॉर्डिंग, कुछ मोबाइल और डाक्यूमेंट्स बरामद किए हैं। सभी आरोपियों काे चार दिन के पुलिस रिमांड के बाद कोर्ट में पेश किया गया। जहां दोनों सरकारी पक्ष और बचाव पक्ष के वकीलों में बहस हुई। कोर्ट में रिमांड कॉपी को लेकर भी बचाव पक्ष के वकील समीर सेठी ने एप्लीकेशन दायर की, जिसमें कहा गया कि पुलिस की ओर से पूरे दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए।
बचाव पक्ष के वकील समीर सेठी ने कोर्ट में कहा कि पंचकूला पुलिस की ओर से एफआईआर में आरोपी सुभाष का मोबाइल नंबर गलत लिखा गया है। वो सुभाष का नंबर नहीं है, फिर किस रिकॉर्डिंग के आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया। इस पर पुलिस ने जवाब दिया कि उसकी रिकॉर्डिंग पुलिस के पास है, लेकिन एफआईआर में नंबर गलत लिखा गया है। अनिल ने अपने बयान में बताया कि वो इस पूरे रैकेट में शामिल था। उसने जो भी रुपए लिए थे, उनमें से कुछ रुपए अपने जानकारों के पास रखे हुए हैं। इसमें झज्जर के गांव दुबलधन में रहने वाले मोनू के पास चार लाख और नीलोखेड़ी में अरविंद के पास डेढ़ लाख रुपए रखे हैं। 50 हजार रुपए उसने खर्च कर दिए हैं। पुलिस ने इसकी बरामदगी के लिए अनिल का दो दिन का रिमांड लिया है।
पिछले डेढ़ महीने में 22 लोगों से लाखों रुपए वसूले गए, जिसमें एक कैंडीडेट चंडीगढ़ पुलिस के सब-इंस्पेक्टर का बेटा भी है।
इन 22 लोगों से ढाई लाख से लेकर साढ़े चार लाख रुपए के हिसाब से पेमेंट ली गई।
चंडीगढ़ सेक्रेटेरिएट के दो लोगों से पिछले 3 दिन से संपर्क किया जा रहा है। एक ने पुलिस के पास सिफारिश लगवाने की कोशिश की और दो ने फोन नहीं उठाया है। इस मामले में अब सीएम फ्लाइंग की एक टीम रेड कर

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