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HARYANA-अधूरी फल-सब्जी मंडी पर 250 करोड़ खर्च, आमदनी साढ़े 13 करोड़, हर महीने साढ़े 15 करोड़ भर रहे ब्याज

February 26, 2018 06:10 AM

COURSTEY DAINIKBHASKAR   FEB 26
अधूरी फल-सब्जी मंडी पर 250 करोड़ खर्च, आमदनी साढ़े 13 करोड़, हर महीने साढ़े 15 करोड़ भर रहे ब्याज

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बृजेश तिवारी/कृष्ण धनखड़ | सोनीपत/गन्नौर
547 एकड़ जमीन पर एशिया की सबसे बड़ी आधुनिक फल व सब्जी मंडी पर सरकार ने 250 करोड़ रुपए खर्च कर दिए। ये मंडी आज तक शुरू ही नहीं हो सकी। जमीन अधिग्रहण के लिए किसानों को 1 अरब 69 करोड़ 65 लाख 5163 रुपए का मुआवजा अदा किया गया। बैंक और विभिन्न मार्केट कमेटियों से वर्ष 2008 से 2017 तक 142.5 करोड़ रुपए का लोन लिया गया, जिस पर 7.5 प्रतिशत से 10.90 प्रतिशत का ब्याज चल रहा है। हर महीने लगभग साढ़े 15 करोड़ रुपए ब्याज हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड भर रहा है। 25 करोड़ रुपए की एफडी बोर्ड के नाम अलग से कराई गई है।
तत्कालीन बोर्ड अधिकारियों ने जो प्रारूप तैयार किया था, उसके अनुसार मंडी का पहला चरण 2017 में पूरा होना था। 2019 में पूरी तरह से मंडी विकसित होनी है। अभी तक बाउंड्री का कार्य भी पूरा नहीं हो पाया है। विपक्ष का आरोप है कि मौजूदा भाजपा सरकार इसमें कोई रूचि नहीं दिखा रही, इसलिए कार्य आज तक पूरा नहीं हो सका है। वहीं राष्ट्रीय कृषि विपणन बोर्ड की चेयरपर्सन कृष्णा गहलावत का कहना है कि मंडी की सही तरीके से प्लानिंग नहीं की गई थी, जिसे रिवाइज किया जा रहा है। दो-तीन महीने में कार्य तेजी से शुरू हो जाएगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर की मंडी की स्थापना से जीटी रोड के चार किमी परिधि के लोगों की आमदनी दोगुनी हो जाएगी।
मंडी शुरू होने के बाद हर दिन इस मंडी में एक लाख लोगों के आवागमन का लक्ष्य है। इसमें दुकानदार, आढ़ती, माल लेकर आने वाले किसान, ग्राहक, ट्रांसपोर्टर, कर्मचारी आदि शामिल हैं।
दैनिक भास्कररिसर्च स्टोरी
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मंडी को पूरी तरह से ऑनलाइन चलाने की योजना, किसानों की फसल की ऑक्शन भी ऑनलाइन की जाएगी
मंडी में दो प्राइमरी प्रोसेसिंग यूनिट, दो कवर्ड शेड, 38 नेशनल एग्रीकल्चर ट्रेडिंग सेंटर, फाउंटेन, 56 गुणा 192 मीटर का शेड, 12 फीट औसतन चौड़ाई की करीब 30 किमी लंबी सड़क, सीवर व पानी का बंदोबस्त किया गया है। चारदीवारी का लगभग 90 प्रतिशत काम हुआ है। निर्माण पर करीब 45 करोड़ रुपए खर्च हुआ है। निर्माणाधीन मंडी को पूरी तरह से ऑनलाइन चलाने की योजना है। किसानों की फसल की ऑक्शन भी ऑनलाइन की जाएगी। इसके लिए ट्रांसपोर्टेशन, रेलवे यार्ड व पार्किंग सहित किसान व व्यापारियों के लिए विश्राम गृह बनाया जाना है। मंडी निर्माण का कार्य वर्ष 2012 में शुरू हुआ था। इसका शिलान्यास 24 फरवरी 2014 को राहुल गांधी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मौजूदगी में किया था।
सरकार को किसानों की परवाह नहीं
कांग्रेस सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर का प्रोजेक्ट सोनीपत में शुरू किया था। री-प्लान केवल बहाना है। वास्तव में भाजपा सरकार को किसानों से कोई मतलब नहीं है। मंडी तैयार होने के बाद किसानों की दशा बदल जाती। -सरदार परमवीर टोहाना, तत्कालीन कृषि मंत्री
70 मीटर का शेड प्रस्तावित
फल व सब्जियों के लिए पांच सेट शेड बनाना प्रस्तावित है। इसमें प्रति शेड की लंबाई व चौड़ाई 70 मीटर है। एक सेट में पांच सेट बनाया जाएगा। इस लिहाज से कुल 25 शेड बनेंगे। इसमें दो शेड तैयार हो चुके हैं। फल-सब्जियों के दो कवर्ड शेड बनेंगे।
17 हजार वाहनों की पार्किंग
वाहन पार्किंग की विशेष सुविधा प्रदान करने का प्रपोजल है। प्रतिदिन 17 हजार ट्रकों की पार्किंग हो सकेगी। इसके माध्यम से फलों व सब्जियों का ट्रांसपोर्टेशन हो सकेगा।
एक्सपर्ट व्यू: व्यापारियों को लाइसेंस दंे
काॅमर्शियल साइट बेचकर व्यापार शुरू हो। मंडी की नोटीफिकेशन कराकर व्यापारियों को लाइसेंस दें। मार्केटिंग बोर्ड द्वारा री-पलान भी तैयार कराया जा चुका है। सरकार को कार्य शुरू करे, अन्यथा आय से अधिक भुगतान करना होगा। -एसएम शर्मा, रिटायर्ड एसई, कृषि विपणन बोर्ड हरियाणा।
अन्य मंडियों से अलग
एशिया में मौजूद दूसरी मंडियों की तुलना में टर्मिनल मार्केट अलग और आधुनिक होगी। यहां ऑनलाइन वर्ल्ड वाइड ट्रेडिंग, ऑक्शन मंडी का अपना वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम, सोलर पावर जेनरेशन सिस्टम, गैस पावर जेनरेशन सिस्टम आदि लगाया जाएगा।
6 प्रवेश व 3 निकास द्वार
प्रवेश के लिए 6 मुख्य मार्ग बनेंगे। निकासी के 3 द्वार होंगे। अंदर 18 प्रकार के हाइवे लेन बनेंगे। छोटे-बड़े वाहनों के लिए अलग सुविधा होगी। जाम से निजात मिलेगी। बिना टोल के कोई वाहन प्रवेश नहीं करेगा।
अगले साल मंडी बन जाएगी : धनखड़
यह सही है कि मंडी का काम अधर में है। प्रोजेक्ट बड़ा है। मार्केटिंग बोर्ड भी इतना बड़ा काम करने में असमर्थ है। इसके लिए बाहरी अनुभवी की मदद लेकर काम पूरा कराएंगे। मंडी के लिए स्पेशल पैकेज से अगले साल तक इसका काम पूरा हो जाएगा। -ओमप्रकाश धनखड़, कृषि मंत्री
15 से 20 मंजिला इमारत
मंडी परिसर में 15 से 20 मंजिला इमारत बनाने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही ऑफिस, होटल, होम और एग्रो मॉल बनाया जाना भी प्रस्तावित है। बेहतर ट्रांसपोर्टेशन के रेलवे यार्ड और टर्मिनल मार्केट भी बनाने का प्रस्ताव है।
6 हजार टन रोज का लक्ष्य
रोजाना 6 हजार टन फल व सब्जी की आवक का लक्ष्य है। इसमें 1 हजार ट्रकों का प्रवेश व 1 टन वजन की 6 हजार वैन रोज प्रवेश कर सकेंगी। कर्मचारियों के 9000 हजार वाहन का आवागमन होगा।
1अरब 69 करोड़ 65 लाख 5163 रुपए का मुआवजा अदा किया गया जमीन अधिग्रहण में किसानों को।
142.5करोड़ रुपए का लोन लिया गया बैंक और विभिन्न मार्केट कमेटियों से वर्ष 2008 से 2017 तक।

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