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Haryana

HARYANA-पाॅलीटेक्निक संस्थान में चल रहे स्कूल के गर्ल्स हॉस्टल में 150 छात्राओं के सामान की तलाशी लेने का मामला

February 17, 2018 06:37 AM

COURSTEY  DAINIKBHASAR  FEB 17
पाॅलीटेक्निक संस्थान में चल रहे स्कूल के गर्ल्स हॉस्टल में 150 छात्राओं के सामान की तलाशी लेने का मामला

भास्कर न्यूज | झज्जर

 

पाॅलीटेक्निक संस्थान में चल रहे प्रारंभ स्कूल के गर्ल्स हॉस्टल में गुरुवार देररात 150 लड़कियों को हॉल में बंद कर उनके सामान की तलाशी लेने का मामला शुक्रवार काे तूल पकड़ गया। सभी छात्राओं ने शुक्रवार को कक्षाओं का बहिष्कार कर दिया। वे मॉडल स्कूल में चल रहे प्रारंभ स्कूल के मैदान पर सुबह 9 बजे इकट्ठा हुईं। उन्होंने क्लास लगाने व हॉस्टल में नहीं जाने की घोषणा की। करीब डेढ़ घंटे बाद प्रिंसिपल ने उनकी मांगों को सुना। छात्राओं ने कहा कि जब ब्वॉयज हॉस्टल में लड़कों को मोबाइल रखने की इजाजत है तो लड़कियों को क्यों नहीं। देररात उन्हें हॉल में बंद कर उनकी गैरहाजिरी में उनके सामान से मोबाइल तलाशे गए। उन्होंने मोबाइल रखने के साथ हाॅस्टल में प्रारंभ स्कूल की ओर से ही वार्डन तैनात करने की मांग की। इस दौरान प्रबंधन ने हॉस्टल में मोबाइल रखने की परमिशन व वार्डन के बदले जाने की मांग मान ली। इसके करीब 5 घंटे बाद छात्राएं कक्षाआें में लौट गई।
5 घंटे कक्षाओं का बहिष्कार करने पर मिली हॉस्टल में मोबाइल रखने की इजाजत, वार्डन बदली जाएगी, प्रबंधन ने बाकी मांगों पर मांगा समय
छात्राओं का आरोप- हमारे कपड़ों और चरित्र पर करते हैं कटाक्ष
छात्रा की तबीयत खराब होने पर भड़की थीं छात्राएं
प्रारंभ स्कूल की छात्राओं ने गुरुवार रात साढ़े 9 बजे उस समय हंगामा किया था, जब पाॅलीटेक्निक संस्थान में मौजूद हॉस्टल के एक हॉल में बंद कर वार्डन उनके रूम में जाकर मोबाइल होने की तलाशी ले रही थी। इसी दौरान एक लड़की मनीषा की तबीयत खराब हो गई। छात्राआें का आरोप है कि उन्होंने चिल्ला-चिल्लाकर मदद मांगी। रात सवा दस बजे वार्डन पिंकी मनीषा को सिविल अस्पताल ले गई। छात्राओं ने हाॅस्टल में ही रात 12 बजे धरना दे दिया और पुलिस काे बुला लिया। इसके बाद सुबह बात करने का आश्वासन दिया गया।
हमारे कपड़े पहनने को लेकर कटाक्ष किया जाता है। घर भी जाना हो तब भी तमाम सवाल पूछे जाते हैं। मोबाइल रखने पर गलत धारणा बनाई जाती है कि लड़कों से बात करती होंगी। स्कूल से लेकर हॉस्टल तक हमें एक प्रकार से घुटन के माहौल में रहना पड़ता है। हॉस्टल व स्कूल में प्राथमिक चिकित्सा व्यवस्था ठीक नहीं है। हमें बेहतर माहौल के लिए एक ही कैंपस मुहैया कराया जाए। जहां क्लास और हॉस्टल एक जगह पर हो। अब क्लास मॉडल स्कूल में लगती है तो हॉस्टल पॉलीटेक्निक में है।
पॉलीटेक्निक प्रबंधन से बात कर प्रिंसिपल ने मनवाईं मांगें
छात्राओं ने शुक्रवार सुबह 9 बजे प्रारंभ स्कूल में कक्षाओं का बहिष्कार कर दिया। साढ़े 10 बजे प्रिंसिपल उनसे मिलने आईं। प्रिंसिपल डाॅ. संतोष ने पाॅलीटेक्निक संस्थान के समक्ष छात्राओं की मांगें रखी। इसमें यह तय हुआ कि अब हॉस्टल में पालीटेक्निक की बजाय प्रारंभ स्कूल की वार्डन तैनात होंगी। साथ ही लड़कियों को मोबाइल रखने की परमिशन भी रहेगी। प्रिंसिपल डाॅ. संतोष ने बताया कि इसके अलावा फर्स्ट एड बाॅक्स में भी नई दवा रखवा दी गई हैं। अन्य मांगें पूरी करने को प्रबंधन ने 12 दिन का समय मांगा है।

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