Monday, September 24, 2018
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Haryana

मुख्यमंत्री से लूंगा साढ़े छह सौ करोड़ का हिसाब:अभय चौटाला

January 30, 2018 04:14 PM
 आगामी 7 मार्च को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में एसवाईएल मुद्दे पर केंद्र व राज्य की भाजपा सरकार को घेरने का अभियान चलाने वाले हरियाणा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला ने प्रदेश भाजपा सरकार की तमाम कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा करते हुए भाजपा पर तीखे हमले किए हैं। 
जिले के गांव जोगेवाला में मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला ने कहा कि एक ओर मुख्यमंत्री सबका साथ सबका विकास की बातें कहकर प्रदेशवासियों को गुमराह करने पर तुले हैं वहीं धरातल पर विकास की एक नई ईंट तक नहीं लगाई गई है। अभय चौटाला ने कहा कि मुख्यमंत्री खुद उनके विधानसभा क्षेत्र ऐलनाबाद में विकास के नाम पर करीब साढ़े 600 करोड़ रुपए की घोषणाएं कर चुके हैं मगर कहीं भी विकास नजर नहीं आता। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री से साढ़े 600 करोड़ रुपए की राशि का हिसाब लेंगे। चौटाला ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया कि विकास तो अवश्य हुआ है मगर जनकल्याणकारी कार्यों के लिए नहीं बल्कि भ्रष्टाचार और अपराध में हरियाणा पूरे देश में अव्वल है। उन्होंने कहा कि एक ओर भाजपा ने सत्ता में आने से पूर्व नौकरियों में पारदर्शिता रखते हुए मेधावी को ही नौकरी देने का संकल्प लिया था मगर इनकी पारदर्शिता की हवा तब निकल गई जब बीती 25 अगस्त को सरकार ने अपने चहेते तीन लोगों को म्युनिसिपल कमेटी सचिव के तौर पर नियुक्त किया। इसके लिए हर तरीके की प्रक्रिया अपनाई गई जो पारदर्शिता से परे है। अभय चौटाला ने कहा कि अवकाश के दिन ही तीन लोगों को नौकरी देने का मामला स्वयं ही चकित करने वाला है और यदि इस मामले की जांच न्यायायल के किसी पदेन जज अथवा सेवानिवृत्त जज से कराई जाए तो राज्य सरकार की कथित पारदर्शिता से नौकरी देने की हकीकत सामने आ सकती है। अभय चौटाला ने कहा कि उनके ऐलनाबाद विधानसभा क्षेत्र में ही अनेक गांवों में पेयजल की किल्लत के साथ-साथ सेम की भी समस्या गहरी है और उन्होंने सेम की समस्या को दूर करने के लिए सेमनाला बनाने का सुझाव देते हुए स्वयं मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था जिस पर आज तक कोई कदम नहीं उठाया जा सका है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने हाल ही में आलू, टमाटर, गोभी जैसी सब्जी उत्पादक किसानों को राहत देने के लिए योजना तो अवश्य बनाई मगर आज भी आलू उत्पादकों की पीड़ा किसी से छिपी नहीं है। उन्हें उत्पादन का लागत मूल्य भी नहीं मिल पा रहा जो खेदजनक है। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों की तमाम दिक्कतों को भी 7 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान से उठाया जाएगा और केंद्र व प्रदेश सरकार को उनके हल के लिए बाध्य किया जाएगा।
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