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Haryana

SONIPAT- सबसे अधिक बिजली बिल SP ऑफिस का बकाया, आम उपभोक्ताओं के हजारों में ही काट दिए जाते हैंै कनेक्शन

January 11, 2018 05:09 AM

COURSTEY DAINIKBHASKAR सरकारी विभागों पर 3 करोड़ का बिजली बिल बकाया, सबसे अधिक एसपी ऑफिस का, आम उपभोक्ताओं के हजारों में ही काट दिए जाते हैंै कनेक्शन

जल्द जमा कराने का आश्वासन दिया

कई बार करा चुके रिमाइंड लेकिन कोई असर नहीं

डीसी आॅफिस पर भी पांच लाख से अधिक बकाया

जानिए... किस पर कितना बिल बकाया

डेढ़ सौ करोड़ से अधिक डिफाल्टिंग अमाउंट

हर महीने होती है 95 कराेड़ रुपए की बिलिंग

भास्कर न्यूज | सोनीपत

 

उत्तरीहरियाणा बिजली वितरण निगम की ओर से जहां सामान्य उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन हजारों में पहुंचते ही कनेक्शन काट दिया जाता है। यहां सरकारी विभाग तीन करोड़ रुपए की बिजली बिल राशि दबाए बैठे हैं। सबसे ज्यादा बकाया एसपी आॅफिस के हैं। डीसी आॅफिस पर भी पांच लाख रुपए से अधिक बकाया है। इसके अलावा एक दर्जन से अधिक विभागों पर करोड़ों रुपए का डिफाल्टिंग अमाउंट खड़ा है। 22 दिसंबर को सर्कुलेट अमाउंट के अनुसार निगम का कुल दो करोड़ 96 लाख रुपए से अधिक का बकाया सरकारी विभागों पर है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि संबंधित विभागों को कई बार बिल भरने के लिए कई बार रिमाइंड करवा चुके हैं।
^ हाल ही में अधिकारियों से बातचीत की गई थी। जिसमें कहा गया कि डिमांड विभाग सरकार को भेजी गई है। जल्द ही सभी बकाया जमा कराने का आश्वासन दिया है। उम्मीद है कि अधिकारी संज्ञान लेंगे।' वीएसमान, एसईबिजली निगम सोनीपत।
नोट
यहबकाया लिस्ट 22 दिसंबर को हुई बिलिंग के अनुसार है। सभी कनेक्शन इंडस्ट्रियल एरिया सब डिविजन के अधीन हैं।
विभाग बकाया
एसपीआॅफिस, एस प्वाइंट 21782412
एसपी आफिस एलटी 653655
पब्लिक हेल्थ वाटर वर्क्स 1576838
डीसी आफिस 562584
एसडीई हुडा इलेक्ट्रिकल 259995
सेक्ट रियल 99105
मार्केट कमेटी, अनाज मंडी 94337
मार्केट कमेटी, आफिसर 59841
शिक्षा विभाग, देव नगर स्कूल 26542
ईओ पंचायत कार्यालय 22148
बिजली निगम के सूत्रों की मानें तो जिले में कनेक्टेड डिस कनेक्टेड 20 से अधिक उपभोक्ताओं को निगम डिफॉल्टर मानता है। जिन पर करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपए से अधिक बकाया है। जिसकी वसूली के लिए स्कीम सहित कनेक्शन काटने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
बिजली निगम द्वारा जिले में साढ़े तीन लाख उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जाती है। जिसके लिए तीन डिवीजन और 15 सब डिवीजन की स्थापना की गई है। करीब सवा दाे सौ से अधिक फीडर हैं। हर बिलिंग सर्कल में करीब 95 करोड़ रुपए की बिलिंग होती है, जिसमें 10 प्रतिशत तक रिकवरी नहीं हो पाती है।

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