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Haryana

कैप्टन अभिमन्यु ने आज जिला हिसार के गांव मसूदपुर में नहरी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की सूक्ष्म सिंचाई पायलट परियोजना का उद्घाटन किया

January 07, 2018 08:44 PM

हरियाणा के वित्त एवं राजस्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने आज जिला हिसार के गांव मसूदपुर में नहरी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की सूक्ष्म सिंचाई पायलट परियोजना का उद्घाटन किया। अपनी तरह की इस पहली पायलट परियोजना पर 2 करोड़ रुपये की लागत आई है और इसमें सौर ऊर्जा से बिजली जरूरतों को पूरा करते हुए प्रेशर तकनीक से हर खेत तक पानी पहुंचाया जाएगा। 

परियोजना के उद्घाटन उपरांत वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने ग्रामीणों को बधाई दी। उन्होंने बटन दबाकर परियोजना का शुभारंभ किया तथा परिसर में पौधारोपण भी किया। ग्रामीणों ने फूलमालाओं व जयकारों के साथ कैप्टन अभिमन्यु का जोरदार स्वागत किया। गांव के रामधारी सिंह ने पगड़ी पहनाकर वित्तमंत्री का स्वागत किया।
वित्तमंत्री ने बताया कि इस प्रकार की परियोजनाएं प्रदेश में केवल 13 स्थानों पर स्थापित की गई हैं और हिसार जिला में इसके लिए मसूदपुर को चुना जाना गांव के लिए गौरव की बात है। इस परियोजना का मकसद कम से कम पानी का इस्तेमाल करते हुए अधिक से अधिक फसल लेना है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार राज्य के हर क्षेत्र में सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए कृत संकल्प है। इस पायलट परियोजना के फायदों को देखते हुए भविष्य में इसे प्रदेश में और अधिक जगहों पर भी स्थापित किया जाएगा। सोलर आधारित होने के कारण परियोजना को बिजली आपूर्ति की भी जरूरत नहीं रहेगी जिससे निर्बाध सिंचाई सुविधाएं किसानों को मिलेंगी। उन्होंने कहा कि किसान इस परियोजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और इसके फायदों के बारे में उन्हें बताएं जिसके आधार पर इसका विस्तार किया जाएगा।
काडा के मुख्य अभियंता राजीव बंसल ने परियोजना के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि ऊंची-नीची जमीन होने के कारण यहां सभी खेतों तक पानी नहीं पहुंच पाता था। लेकिन इस परियोजना के अंतर्गत हर खेत तक पाइप लाइन बिछाई गई है जिससे ऊंचे खेतों में भी प्रेशर तकनीक के माध्यम से आसानी से पानी पहुंचेगा। पाइप लाइन से आगे किसान फव्वारा व टपका सिंचाई के माध्यम से सिंचाई कर सकेगा। उन्होंने बताया कि पाइप लाइन के माध्यम से खाद भी फसलों तक पहुंचाया जा सकता है जिससे किसानों के धन व समय की बचत होगी। 
उन्होंने बताया कि पेहोवा में किए गए एक प्रयोग में एक एकड़ जमीन में परंपरागत तरीके व एक एकड़ भूमि पर सूक्ष्म सिंचाई तकनीक के माध्यम से धान की फसल ली गई। इसके परिणाम आश्चर्यजनक रहे। ड्रिप इरिगेशन वाले खेत से धान का 12 प्रतिशत अधिक उत्पादन हुआ और पानी की खपत 42 प्रतिशत कम हुई। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे कम पानी से अधिक फसल लेने वाली तकनीकों को अपनाएं और पानी की बचत के साथ-साथ अधिक पैदावार भी लें।
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