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Haryana

HARYANA-बिना कुलपति चल रहे 6 सरकारी विश्वविद्यालय

December 30, 2017 06:05 AM

COURSTEY DAINIK  TRIBUNE  DEC 30

बिना कुलपति चल रहे 6 सरकारी विश्वविद्यालय
अजय मल्होत्रा/हप्र
भिवानी, 29 दिसंबर
प्रदेश के 6 सरकारी विश्वविद्यालयों में कुलपतियों के पद लम्बे अर्सें से खाली हैं, 110 सरकारी कॉलेजों में से केवल 15 में ही नियमित प्राचार्य हैं। यही स्थिति वहां कार्यरत प्राध्यापकों की है। इनके भी आधे पद खाली हैं, जिन पर एक्सटेंशन या एडोक प्राध्यापक काम कर रहे हैं।
चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय, भिवानी, चौधरी रणबीर सिंह विवि जींद, भगत फूल सिंह विवि खानपुर, स्टेट यूनिवर्सिटी फोर प्रर्फोमिंग एण्ड विजुअल आर्टस (एसयूपीवीए), गुरूग्राम विवि और बागवानी विश्वविद्यालय करनाल में नियमित कुलपति नहीं हैं। अब यहां प्रध्यापकों की भर्ती, इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार कैसे होंगे इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
भिवानी के सीबीएलयू विवि में नियमित कुलपति न होने के परिणामस्वरूप 133 प्राध्यापकों के स्वीकृत पदों में से केवल 25 पर ही प्राध्यापक हैं। 3 वर्ष तक इस विश्वविद्यालय में सेवानिवृत्त अथवा कॉन्ट्रैक्ट पर रखे प्राध्यापकों से ही अध्यापन कार्य चलता रहा। यही स्थिति अन्य विश्वविद्यालयों की है। सरकारी विश्वविद्यालयों के कैम्पस में 30 हजार तक छात्र पढ़ते हैं और विश्वविद्यालयों से सम्बद्ध कॉलेजों में एक लाख से अधिक छात्र पढ़ रहे हैं। हरियाणा राजकीय कॉलेज प्राध्यापक एसोसिएशन का कहना है कि सरकार नए कॉलेज तो खोल रही है लेकिन इनमें न तो स्टाफ है और न ही लैब की सुविधाएं। केवल भवन खड़े करने से शिक्षा का स्तर सुधरना असंभव है।
सरकारी कॉलेजों में 5 हजार प्राध्यापकों के स्वीकृत पद होने के बावजूद 2700 आज भी खाली हैं। इन पदों पर एक्सटेंशन लेक्चरर अथवा एडोक लेक्चरर हैं।
शैक्षणिक योग्यता पूरी होने के बावजूद उन्हें वेतन 20 हजार से 25 हजार रुपये ही मिलता है। समान काम, परन्तु कम वेतन से परीक्षा परिणाम प्रभावित हो रहा है। खासतौर पर विज्ञान के स्टाफ की तो भारी कमी है।

यह बोले शिक्षामंत्री
शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा का कहना है कि सरकार सस्ती व गुणवत्ता परक शिक्षा के लिए कृत संकल्प है और शीघ्र ही कुलपतियों के रिक्त पदों को भरा जाएगा, साथ ही सरकारी कॉलेजों में प्राध्यापकों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी जारी है। सरकार शिक्षा के प्रति पूरी तरह से गम्भीर है।

केवल भवन से शिक्षा में सुधार नहीं
हरियाणा गवर्नमेंट कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रणबीर कादयान का कहना है कि प्रदेश में प्राध्यापकों के आधे से अधिक खाली पद सरकार की शिक्षा के प्रति लापरवाही को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि केवल कॉलेजों के नए भवन बनाने से शिक्षा में सुधार नहीं होगा। उन्होंने कहा कि कॉलेजों में सभी विषयों के नियमित प्राध्यापक अौर लैब जैसी आवश्यक सुविधाएं मुहैया करवाना बेहद आवश्यक है।

पढ़ाई प्रभावित
हरियाणा में तीन दशक से छात्र राजनीति के चर्चित नेता रहे सम्पूर्ण सिंह का कहना है कि कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में बिना स्टाफ के पढ़ाई नामुमकिन है। उन्होंने कहा कि इससे सरकार की शिक्षा के प्रति बेरूखी स्पष्ट झलकती है।

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