Wednesday, November 21, 2018
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Haryana

फतेहाबाद में आयोजित 66वें राज्य स्तरीय विमुक्ति दिवस समारोह में प्रदेश के सभी जिलों से समुदाय की विभिन्न जातियों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।

September 10, 2017 05:46 PM

हरियाणा के फतेहाबाद में आयोजित 66वें राज्य स्तरीय विमुक्ति दिवस समारोह में प्रदेश के सभी जिलों से समुदाय की विभिन्न जातियों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। कई जिलों से रैबारी जाति के लोग सजे-धजे ऊंटों व गाजे-बाजे के साथ पहुंचे। कुछ लोगों को ऊंटों की देखभाल के लिए छोड़कर बाकि लोग मुख्यमंत्री मनोहर लाल का भाषण सुनने कार्यक्रम स्थल चले गए। जब ये लोग पेड़ों की छाया में बैठकर आराम कर रहे थे तो इनके ऊंट खेजड़ी (जांटी) के पत्ते खाकर अपनी भूख मिटाते दिखे।

        सोनीपत के मुरथल से अपने ऊंटों के साथ आए 70 वर्षीय भैरो सिंह व 60 वर्षीय भाग सिंह ने बताया कि वे ऊंटों के सहारे ही जीवन-यापन करते हैं और बच्चों के लिए रोजगार के मार्ग खुलने की उम्मीद के साथ यहां पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि रैबारी जाति की जनसंख्या मुख्यत: हरियाणा के 75 से अधिक गांवों में रहती हैं और हर गांव से लोग बड़ी उम्मीदों के साथ सम्मेलन में शामिल होने आए हैं।

        इन्होंने बताया कि वे दर्जनों की संख्या में अपने ऊंटों के साथ रात को ही यहां पहुंच गए थे। रात को यहां आसपास के गांवों में अपने रिश्तेदारों के यहां रुके और अब सुबह समारोह में पहुंचे हैं। वहीं, 40 वर्षीय रामकिशन ने बताया कि आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के चलते न तो वे खुद पढ़ पाए और न ही अपने बच्चों को पढ़ा पा रहे हैं लेकिन अब वर्तमान सरकार द्वारा उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार की दिशा में जो प्रयास किए जा रहे हैं, उससे उनमें नई उम्मीद जगी है।

        ऊंटों व गाजे-बाजे के साथ पहुंचे भिरडाना के सरपंच सुभाष, उनके साथ आए सुभाष, कर्मवीर रैबारी, राजेंद्र रैबारी आदि ने बताया कि कैथल, नरवाना, बहादुरपुर, जींद, राजगढ़ (कुरुक्षेत्र) और रोहतक से उनके रिश्तेदार रात को गांव में ही रुके और आज यहां पहुंचे हैं। पहली बार हो रहे इस प्रकार के सम्मेलन से समाज के लोगों में नई उम्मीदें पैदा हुई हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार के इस प्रयास से समाज की अगली पीढि़यों के दिन सुधरेंगे।

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