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पंजाब में लोकपाल के दायरे में सीएम होगा या नहीं, कैप्टन लेंगे फैसला

April 11, 2017 05:36 AM

COURSTEY DAINIKBHASKARAPRIL11
पंजाब में लोकपाल के दायरे में सीएम होगा या नहीं, कैप्टन लेंगे फैसला
1998 में चार मंत्रियों को पाया था दोषी
िफलहाल कर्मचारी अफसर ही लोकपाल में
विजिलेंस ने स्टडी के बाद सीएम को सौंपी फाइल
इन्द्रप्रीत सिंह | चंडीगढ़
पंजाबसरकार ऐसा लोकपाल एक्ट लाने की तैयारी में है जिसके दायरे में मुख्यमंत्री भी होगा। सीएम समेत विधायकों और मंित्रयों पर भी केस चलाया जा सकेगा। कांग्रेस के मेनिफेस्टो में करप्शन पर नकेल कसने के लिए सशक्त लाेकपाल लाने की बात कही गई थी। सत्ता में आते ही कैप्टन ने इस दिशा में काम भी शुरू कर दिया है। बीते शनिवार स्पेशल सेक्रेटरी अरुण सेखड़ी की अध्यक्षता में विजिलेंस विभाग की मीटिंग हुई। विभिन्न राज्यों और केंद्र द्वारा बनाए गए लोकपाल एक्ट का अध्ययन किया गया।
इन राज्यों केंद्र के लोकपाल एक्ट की कॉपी लगाकर सरकार को भिजवा दी गई है। क्योंकि विजिलेंस विभाग कैप्टन अमरिंदर के पास है। इसलिए उन्हें ही फैसला लेना है कि सीएम, मंत्रियों और विधायकों पर केस चलाए जाने वाला लोकपाल बनाना है या कुछ फेरबदल करना है। 18 मार्च को हुई कैबिनेट की मीटिंग में दोहराया गया था कि सरकार पुराने लोकपाल एक्ट को रद्द करेगी और उसकी जगह नया लोकपाल लाएगी जिसके दायरे में सीएम भी होगा। यही नहीं, लोकपाल में जांच विंग को भी मजबूत किया जाएगा ताकि वह अपने तौर पर केसों का संज्ञान लेकर छानबीन कर सके।
इन्द्रप्रीत सिंह | चंडीगढ़


पंजाबसरकार ऐसा लोकपाल एक्ट लाने की तैयारी में है जिसके दायरे में मुख्यमंत्री भी होगा। सीएम समेत विधायकों और मंित्रयों पर भी केस चलाया जा सकेगा। कांग्रेस के मेनिफेस्टो में करप्शन पर नकेल कसने के लिए सशक्त लाेकपाल लाने की बात कही गई थी। सत्ता में आते ही कैप्टन ने इस दिशा में काम भी शुरू कर दिया है। बीते शनिवार स्पेशल सेक्रेटरी अरुण सेखड़ी की अध्यक्षता में विजिलेंस विभाग की मीटिंग हुई। विभिन्न राज्यों और केंद्र द्वारा बनाए गए लोकपाल एक्ट का अध्ययन किया गया।
इन राज्यों केंद्र के लोकपाल एक्ट की कॉपी लगाकर सरकार को भिजवा दी गई है। क्योंकि विजिलेंस विभाग कैप्टन अमरिंदर के पास है। इसलिए उन्हें ही फैसला लेना है कि सीएम, मंत्रियों और विधायकों पर केस चलाए जाने वाला लोकपाल बनाना है या कुछ फेरबदल करना है। 18 मार्च को हुई कैबिनेट की मीटिंग में दोहराया गया था कि सरकार पुराने लोकपाल एक्ट को रद्द करेगी और उसकी जगह नया लोकपाल लाएगी जिसके दायरे में सीएम भी होगा। यही नहीं, लोकपाल में जांच विंग को भी मजबूत किया जाएगा ताकि वह अपने तौर पर केसों का संज्ञान लेकर छानबीन कर सके।
1992-97 वाली कांग्रेस सरकार के दौरान मंत्री रहे लाल सिंह, शमशेर सिंह दूलो, बाल मुकंद शर्मा और जगीर सिंह को 1998 में तब के लोकपाल जस्टिस हरबंस सिंह राय ने दोषी पाया। एक्ट में मंत्रियों पर केस का प्रावधान नहीं था, लेकिन लोकपाल ने अकाली-भाजपा सरकार से परमिशन लेकर जांच की थी और रिपोर्ट तत्कालीन गवर्नर बीकेएन छिब्बर को सौंपी थी। 2002 में फिर कांग्रेस आने पर इस रिपोर्ट को विधानसभा में लाकर खारिज कर दिया गया। यहां तक कि अकाली-भाजपा सरकार द्वारा नियुक्त किए गए लोकपाल पर भी सवाल उठाए गए।
पंजाब के मौजूदा लोकपाल में चीफ मिनिस्टर, मिनिस्टर्स और एमएलए पर केस चलाने का कोई प्रावधान नहीं है। केवल अफसरों और कर्मचारियों को ही इसमें शामिल किया गया है। वैसे सरकार ने लोकपाल का अपना जांच विंग बनाया हुआ है लेकिन कर्मचारियों के नाम पर इसमें काम करने वाला कोई नहीं है।
कैबिनेट बैठक में खुद सीएम अमरिंदर सिंह ने की थी ऐसा विधेयक लाने की वकालत

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