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नाव दुर्घटना के हर पहलू की होगी जांच : नीतीश कुमार

January 16, 2017 12:42 PM
नाव दुर्घटना के हर पहलू की होगी जांच : नीतीश कुमार
पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को हुए नाव हादसे के लिए जिम्मेवार लोगों को चिन्हित करने का आदेश दिया है। यह भी कहा कि दुर्घटना के दौरान अफसरों की भूमिका और सुरक्षा प्रबंधों की सख्ती से जांच की जाएगी। जो भी अधिकारी इस विफलता के लिए जिम्मेवार होंगे, उन पर कठोर कार्रवाई होगी।मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी हादसे के जिम्मेदारों पर कितनी कठोर कार्रवाई होगी यह सवाल एफआईआर दर्ज होने के बाद ही उठने लगे हैं। नाव हादसे की एफआईआर में असल दोषियों के नाम दर्ज नहीं किए गए हैं। नाव ने नाविक और मनोरंजन पार्क के संचालक को हादसे के लिए जिम्मेदार बताया गया है। जिस पतंगोत्सव को देखने के लिए हजारों लोग गंगा के पार गए थे उसके बारे में एफआईआर में कुछ नहीं लिखा गया है।एफआईआर सोनपुर सीओ अनुज कुमार के बयान पर दर्ज किया गया है। इसमें लिखा गया है कि नाविक ने क्षमता से अधिक लोगों को नाव पर सवार कर लिया जिससे नाव डूब गई। दियारा में अधिक भीड़ जुटने के लिए मनोरंजन पार्क को जिम्मेदार बताया गया है। कहा गया है कि राहुल वर्मा द्वारा बिना अनुमति के एक मनोरंजन पार्क का निर्माण अवैध रूप से किया गया है। इस जगह पर काफी भीड़ जुट गई थी।
 - भीड़ पतंगोत्सव के लिए पर्यटन विकास निगम के बुलावे पर आई थी, इसका एफआईआर में क्यों जिक्र नहीं है?
- पर्यटन निगम ने जब मुफ्त लाने-ले जाने की घोषणा की थी तो फिर अपना स्टीमर बंद क्यों रखा?
नाविक क्षमता से अधिक लोगों को नाव पर सवार न करें, इसे देखने के लिए कोई पुलिसकर्मी की तैनाती क्यों नहीं थी?
- प्रकाशोत्सव की सफलता से उम्मीद बांधे लोग पतंगोत्सव में उमड़ पड़े थे, लेकिन व्यवस्था इतनी लचर क्यों थी?
- दियरा को क्यों ट्रेनी पुलिस जवानों के हवाले छोड़ दिया गया था?
- तीन बजे के आसपास बांस पुल क्षतिग्रस्त हुआ। इसके बाद भगदड़ की स्थिति बनी। बावजूद इसके कोई वरीय पुलिस अधिकारी क्यों मौके पर नहीं पहुंचे?
- एनडीआरएफ या स्थानीय गोताखोरों को पहले से इस उत्सव के बारे में सूचित नहीं किया गया था। उनकी ड्यूटी नहीं लगाई गई थी।
- छठ और कार्तिक पूर्णिमा पर पटना के घाटों पर निजी नावों के चलने पर रोक लगा दिया जाता है। पतंग उत्सव में भी भारी भीड़ जुटी थी। फिर भी निजी नाव पर रोक क्यों नहीं लगाई गई?
- अधिकारियों को गांधी घाट छोड़ने के बाद पर्यटन निगम का बड़ा जहाज खराब हो गया। किसी ने यह नहीं देखा कि 30 हजार से ज्यादा लोगों को दियारा पहुंचा दिया वे कैसे लौटेंगे?
- तीन बजे घोषणा कर दी गई कि शाम चार बजे के बाद नाव नहीं जाएगी। इसके बाद लोग जान जोखिम में डालकर प्राइवेट नाव पर बैठने लगे। ऐसी नौबत क्यों आई?
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