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योग के विज्ञान आधारित होने पर गंभीर सवालिया निशान-आयुष मंत्रालय,भारत सरकार

June 16, 2016 12:18 PM

चंडीगढ़:केन्द्र सरकार 21 जून को दूसरा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने जा रही है। लेकिन दूसरी ओर भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने आर.टी.आई के तहत जो सूचना दी है वह योग के विज्ञान आधारित होने पर गंभीर सवालिया निशान है। भारत सरकार ने आर.टी.आई के तहत सूचित किया है कि योग के रचियता भगवान शिव हैं और योग तर्क नहीं बल्कि साक्षात्कार का विषय है। पिछले वर्ष 21 जून को अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर भारत सरकार ने एक दिन में कुल 26.31 करोड़ (छब्बीस करोड़ इक्कतीस लाख रूपये) रूपये की धनराशि खर्च की थी।पानीपत के आर.टी.आई एक्टिविस्ट पी.पी कपूर ने पिछले वर्ष 8 जून 2015 को प्रधानमंत्री कार्यलय में आरटीआई लगाकर कुल छह बिन्दुओं पर सूचना मांगी थी। इसी के जवाब में भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अतंर्गत केन्द्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान परिषद् (सी.सी.आर.वाई.एन) के जनसूचना अधिकारी (योग) सुरेन्द्र सन्धु ने गत 16 सितम्बर के अपने पत्र द्वारा बताया कि शास्त्रों में ऐसा वर्णित है कि योग के रचियता स्वयं भगवान शिव हैं। तथापि योग के अनेक ग्रंथ हैं जिसमें योग के प्रारम्भ के विषय में अलग-अलग सूचनाएं मिलती हैं।योग के विज्ञान आधारित होने के सवाल के जवाब में केन्द्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान परिषद् ने अपनी पुस्तिका योग एक परिचय में बताया है कि योग तर्क का विषय नही है बल्कि साक्षात्कार का विषय है। अत: इसकी व्याख्या सरल नहीं है। योग का प्रादुर्भाव भारत में हजारों वर्ष पहले हुआ था। यह हमारे ऋषि-मुनियों की देन है।आर.टी.आई एक्टिविस्ट पी.पी कपूर ने भारत सरकार के इन जवाबो पर आश्चर्य प्रकट करते हुए कहा कि जो तर्क का विषय नहीं है, वह विज्ञान नहीं हो सकता। साईंटिफिक होने के लिए तर्क-वितर्क जरूरी है। अत: योग पूर्णत: अवैज्ञानिक पद्धति है। इसका विज्ञान से कोई सम्बंध नहीं है। शास्त्रों के संदर्भ से योग के रचियता भगवान शिव को बताना भी अति हास्यस्पद है। देश भारत के संविधान से चलता है या फिर किसी धर्म विशेष के शास्त्रों से चलता है?पिछले वर्ष अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर भारत सरकार ने देश-विदेश में कुल रूपये 26.31 करोड़/- (छब्बीस करोड़, इक्कतीस लाख) खर्च होने की सूचना दी है। इसमें राजपथ पर हुए कार्यक्रम व विज्ञान भवन में हुई अन्तर्राष्ट्रीय योग कॉन्फ्रेंस पर 17.70 करोड़ रूपये विदेश मंत्रालय द्वारा विदेशों में स्थित भारतीय मिशनों/केन्द्रों पर कुल 8 करोड़ रूपये, मोरार जी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा ने कुल 34,80,020/- रूपये व केन्द्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान परिषद्(सी.सी.आर.वाई.एन) ने 26,14,021/- रूपये सहित कुल 26.31 करोड़ रूपये खर्च किए गए।कपूर ने कहा कि पिछले वर्ष 21 जून को अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर केन्द्र सरकार ने जो 26.31 करोड़ रूपये की धनराशि खर्च करने की सूचना दी है वह सही नहीं है। केन्द्र सरकार के सभी विभागों, मंत्रालयों व विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर कुल खर्च धन राशि सैंकड़ों करोड़ रूपये से कम नहीं।

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