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एपल निवेशकों ने 1 घंटे में गंवाए 2.64 लाख करोड़

April 28, 2016 07:10 AM

नयी दिल्ली। आईफोन की रिकॉर्ड बिक्री के दम में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही एपल के रेवेन्यू में 13 साल बाद गिरावट आई है। वित्तीय वर्ष 2015-16 की चौथी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 13 फीसदी गिरकर 5060 करोड़ डॉलर यानी कि 3.34 लाख करोड़ रुपए पर आ गया। इन कमजोर आंकड़ों के बाद कंपनी का स्टॉक एक घंटे के दौरान ही 8 फीसदी तक गिर गया, जिसकी वजह से निवेशकों को 2.64 लाख करोड़ रुपए का फटका लगा। अधिकारियों का अनुमान है कि अगली तिमाही में हालात नहीं सुधरेंगे और गिरावट का दौर जारी रहेगा। एपल के इस खराब रिजल्ट के बाद कंपनी का स्टॉक एक घंटे में ही 8 फीसदी तक गिरकर 96 डॉलर पर आ गया। इसके कारण कंपनी की मार्केट कैप में करीब 4000 करोड़ डॉलर की गिरावट आई। मंगलवार को अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंस नैस्डैक पर बंद एपल के स्टॉक की कुल मार्केट कैप गिरकर 57526 करोड़ डॉलर रह गई है। आईफोन, आईपैड जैसे इनोवेटिव प्रोडक्ट बनाने वाली अमेरिकी टेक कंपनी एपल की आमदानी 13 साल में पहली बार गिरी। एपल के सीईओ टिम कुक के अनुसार अमेरिका, जापान और चीन जैसे बड़े मार्केट में सेल्स की ग्रोथ में आई गिरावट का नकारात्मक असर आमदनी पर पड़ा है। दुनिया में अब लोग आईफोन बहुत ज्यादा नहीं खरीद रहे हैं। एपल की रिपोर्ट के मुताबिक आईफोन की शिपमेंट बीते साल 61 मिलियन से इस साल 50 मिलियन पर आ गई 1976 में बनी थी कंपनी
पहली अप्रैल, 1976 में एपल की स्थापना हुई थी। 3 जनवरी 1977 को इसे एपल कंप्यूटर इंक के नाम से निगमित किया गया। कंपनी नाम से ‘कंप्यूटर’ शब्द 9 जनवरी 2007 को हटा दिया गया था, जिस दिन स्टीव जॉब्स ने पहला आईफोन पेश कर किया था। ये अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनी कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट्स की डिजाइनिंग करती है। रेवेन्यू के मामले में आईटी कंपनियों में एपल पहले नंबर पर है दूसरे पर सैमसंग है। साथ ही सैमसंग के बाद ये दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी मोबाइल फोन निर्माता है। एपल की स्थापना स्टीव जॉब्स, स्टीव वोज़नियाक और रोनाल्ड वेन ने 1 अप्रैल, 1976 को, पर्सनल कंप्यूटर किट ‘एपल I’ को बेचने के लिए की। यह किट वोज़नियाक हाथ से बनाते थे और इन्हें पहली बार होमब्रीऊ कंप्यूटर क्लब में लोगों के सामने पेश किया गया था। एपल I की बिक्री जुलाई 1976 में शुरू हुई और तब उसकी बाज़ारी कीमत $666.66 (2013 में 2735 डॉलर के बराबर) रखी गयी थी। एपल को 3 जनवरी 1977 को कोरपोरेट बनाया गया। इससे पहले ही वेन ने कंपनी में अपना शेयर जॉब्स को 800 अमेरिकी डॉलर में बेच दिया था। पहले पांच वर्षों के दौरान, राजस्व 700% की औसत वृद्धि दर से हर 4 महीने में दोगुना होता गया। 12 दिसम्बर 1980 को, 22 डॉलर प्रति शेयर की कीमत पर आईपीओ लांच कर एपल एक सार्वजनिक कंपनी बनी। फोर्ड मोटर कंपनी के बाद यह किसी आईपीओ से सबसे अधिक पूंजी सृजन करने वाली कंपनी बनी और इतिहास में किसी भी कंपनी से अधिक, लगभग 300 लोगों को रातों-रात करोड़पति बनाया। सेल्स गिरने के बाद एपल अब फिजिकल स्टोर और ईकॉमर्स मार्केटप्लेस पर अपने प्रोडक्ट्स की कीमतों में आने वाला फर्क खत्म करने जा रहा है। कंपनी का इसके पीछे का मकसद देश में अपने स्टोर खोलने से पहले डिस्ट्रिब्यूशन को दुरूस्त करना है। एपल के इस कदम की वजह से डिस्ट्रिब्यूटर्स को देश भर में एक ही कीमत उसके प्रोडक्ट्स बेचने होंगे चाहे वाले ऑनलाइन हो या ऑफलाइन। इससे एपल प्रोडक्ट्स की ऑनलाइन और ऑफलाइन कीमतों में फर्क खत्म हो जाएगा। गौरतलब है कि एपल आईफोन्स पर ऑनलाइन बंपर डिस्काउंट दिया जाता है जिससे इसकी ऑफलाइन सेल्स को जबरदस्त झटका लगा है। इस वजह से एपल हेडक्वार्टर खुश नहीं और इसी कारण कंपनी देश में अपने प्रोडक्ट्स की कीमतों के फर्क को खत्म करना चाहती है। भारत में ऑनलाइन रीटेलर्स हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे मार्केट्स से आईफोन स्टॉक्स लेकर कीमतों पर फायदा उठाते हैं। यहां पर मोबाइल फोन पर वैट सिर्फ 5 फीसदी है। जबकि दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में यह 12.5 से 14.5 फीसदी है। ई-सेलर्स को इस तरह मार्जिन का फायदा मिलता है और वे डिस्काउंट ऑफर कर सकते हैं। इससे ऑफलाइन और ऑनलाइन स्टोर्स पर फोन की कीमतों में काफी फर्क आ जाता है।
एपल के सीईओ टिम कुक ने बताया कि इस तरह के आर्थिक दिक्कतों के बीच कंपनी का प्रदर्शन काफी बेहतर रहा है। एपल म्‍यूजिक और एप स्‍टोर के राजस्‍व में 20 प्रतिशत का उछाल आया है। इनके जरिए हुई कमाई ने आईमैक और आईपैड की ब्रिकी को भी पीछे छोड़ दिया। उन्‍होंने बताया कि जल्‍द ही एपल कई सारे गैजेट लॉन्‍च करेगा। कुक के अनुसार, भारत में एपल की बिक्री बढ़ी है। यहां पर एपल ने 56 फीसदी की ग्रॉथ दर्ज की है। हालांकि चीन में आईफोन की बिक्री 26 फीसदी गिर गई है। साल 2016 की चौथी तिमाही में एपल का मुनाफा 22 फीसदी गिरकर 1052 करोड़ डॉलर यानी कि करीब 69 हजार करोड़ रुपए पर आ गया। साल 2015 के जनवरी-मार्च तिमाही में एपल का मुनाफा 1357 करोड़ डॉलर था। आईफोन की रिकॉर्ड बिक्री के दम पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही कंपनी एपल की कमाई में 13 साल में पहली बार गिरावट देखने को मिली है। एशिया में एपल के राजस्‍व में कमी देखने को मिली है। आईफोन की बिक्री में माइनस 36 प्रतिशत की कमी देखी गई। 2015 की तुलना में आईफोन की बिक्री 15 प्रतिशत कम हुई। एपल ने बताया कि उसने पिछले साल की पहली तिमाही के मुकाबले इस बार 5.11 करोड़ आईफोन बेचे। पिछली बार यह आंकड़ा 6.12 करोड़ था। 2016 की जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी का राजस्‍व 13 फीसदी गिरकर 5060 करोड़ डॉलर यानि करीब 3.34 लाख करोड़ रुपए पर आ गया है।

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